गौतमबुद्ध नगर। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे चलती हुई स्लीपर बस में भीषण आग लग गई। हादसा सेक्टर-148 के पास नॉलेज पार्क क्षेत्र में हुआ। बस में करीब 32 यात्री सवार थे। आग लगते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। सभी ने अपना सामान बस में ही छोड़कर जान बचाई और बाहर भाग निकले। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यात्रियों का सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के दौरान बस में धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। इसके बाद आग तेजी से फैल गई और कुछ ही देर में पूरी बस आग की चपेट में आ गई। यात्रियों ने बताया कि तेज धमाके के साथ आग लगी, जिससे अंदर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ यात्रियों को शीशे तोड़कर बाहर निकलना पड़ा। तुरंत बस नहीं रोकी जा सकी।
दिल्ली से बिहार जा रही थी बस
बस बीएसएस कूल कूल जमना ट्रैवलर्स की थी। इसका नंबर BR28P3433 है। यह दिल्ली के लाल किले से बिहार के मुजफ्फरपुर जा रही थी। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर आग लग गई। बस कंडक्टर के शोर मचाने पर यात्रियों में हड़कंप मच गया। सभी सामान छोड़कर बाहर निकल आए।
फायर ब्रिगेड ने बुझाई आग
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे के बाद पुलिस ने यात्रियों से जानकारी जुटाई और यातायात को नियंत्रित किया। एक्सप्रेसवे पर कुछ देर अफरा-तफरी की स्थिति रही।
12 दिन में दूसरी घटना, पहले 9 की मौत हो चुकी
ग्रेटर नोएडा में चलती स्लीपर बस में आग लगने की 12 दिन के अंदर यह दूसरी घटना है। इससे पहले 24 सितंबर को यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में भीषण आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई थी। उस बस में करीब 35 यात्री सवार थे, 26 बाहर निकलकर जान बचा पाए थे। उस हादसे में यात्रियों ने आग लगने से पहले जलने की बदबू आने और चालक-परिचालक को सूचित करने के बावजूद बस समय पर न रोकने का आरोप लगाया था। पुलिस ने उस मामले में जांच शुरू की थी और कंपनी के मैनेजर समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार की घटना में सभी यात्री सुरक्षित रहे, लेकिन बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं यात्री सुरक्षा और स्लीपर बसों की रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। पुलिस और संबंधित विभाग घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं।

