नई दिल्ली, भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। आयोग ने उन राज्यों में ऑनलाइन फॉर्म-6 से अतिरिक्त घोषणा पत्र (Additional Declaration) भरने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है, जहाँ ‘विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण’ (SIR) या संबंधित प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब इन राज्यों के नए आवेदकों को अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए अलग से कोई अतिरिक्त घोषणा पत्र जमा नहीं करना होगा।
ऑनलाइन पोर्टल और ऐप्स से हटा घोषणा पत्र
चुनाव आयोग ने इस तकनीकी व प्रशासनिक बदलाव को अपने सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लागू कर दिया है:
- ECI/ECNet प्लेटफॉर्म: चुनाव आयोग के मुख्य नेटवर्क और ‘ECNet’ सिस्टम से इसे हटा दिया गया है।
- ECI Mobile Apps: आयोग की आधिकारिक वोटर सर्विस ऐप्स (जैसे Voter Helpline App) पर भी यह फॉर्म-6 अपडेट हो चुका है।
- CEO पोर्टल्स: जिन राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहाँ के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की आधिकारिक वेबसाइटों और पोर्टल से भी अतिरिक्त घोषणा पत्र को निष्प्रभावी कर दिया गया है।
नए मतदाताओं के लिए अब प्रक्रिया हुई आसान
इस फैसले के बाद अब प्रक्रिया काफी सहज हो गई है:
- सिर्फ फॉर्म-6 भरना होगा: नए नाम दर्ज कराने वाले नागरिकों को अब केवल मुख्य फॉर्म-6 (Form-6) की जरूरी जानकारियां भरनी होंगी।
- समय की बचत: अतिरिक्त दस्तावेज या शपथ-पत्र (Declaration) अटैच करने के झंझट से मुक्ति मिलने से आवेदन प्रक्रिया में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।
- डिजिटल सहूलियत: मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल के ज़रिए घर बैठे आवेदन करना अब पहले से अधिक सुलभ हो गया है।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य
चुनाव आयोग का उद्देश्य डिजिटल आवेदन प्रक्रिया को अधिक यूजर-फ्रेंडली बनाना और बेवजह के कागजी या डिजिटल बोझ को खत्म करना है। जिन राज्यों में सत्यापन और पुनरीक्षण की चरणबद्ध प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहाँ आवेदकों के लिए अतिरिक्त सत्यापन घोषणा पत्र की प्रासंगिकता समाप्त हो गई थी। इस फैसले से नए और युवा मतदाताओं को वोटर आईडी कार्ड बनवाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
यह भी पढ़ें: पुलिस भंग कर CBI को सौंप देंगे मामला, सुप्रीम कोर्ट की यूपी पुलिस को आखरी चेतावनी

