RAF Fairford बेस के पास मेजर इंसिडेंट, कई गिरफ्तारियां, गांव खाली, बम स्क्वाड सक्रिय

लंदन/ग्लॉस्टरशायर, ब्रिटेन के ग्लॉस्टरशायर पुलिस ने रविवार को RAF फेयरफोर्ड एयर बेस के पास “मेजर इंसिडेंट” (बड़ा हादसा) घोषित कर दिया है। इस बेस का इस्तेमाल अमेरिकी वायु सेना द्वारा किया जाता है। कई पुरुषों को विस्फोटक अधिनियम (Explosives Act) के तहत संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। सेना की विशेषज्ञ विस्फोटक निरोधक टीम कई वाहनों की जांच कर रही है, जबकि आसपास के गांव वेलफोर्ड (Whelford) के कई घरों को खाली करवाया गया है। निवासियों को पास के लीजर सेंटर में शिफ्ट किया गया है।

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद वेलफोर्ड इलाके में कई संपत्तियों को खाली कराया जा रहा है। ग्लॉस्टरशायर पुलिस ने बयान में कहा, “वेलफोर्ड क्षेत्र में कई संपत्तियों को मेजर इंसिडेंट घोषित होने के बाद खाली कराया जा रहा है। यह विस्फोटक अधिनियम के तहत कई पुरुषों की गिरफ्तारी के बाद हुआ है। सेना की विशेषज्ञ एक्सप्लोसिव ऑर्डनेंस डिस्पोजल टीम वर्तमान में कई वाहनों की जांच कर रही है। स्थानीय निवासियों को पास के लीजर सेंटर में ले जाया जा रहा है। इलाके में कॉर्डन लगाया गया है, लेकिन हम आश्वस्त करना चाहते हैं कि हमारा मानना है कि यह घटना नियंत्रित है। हम अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और पहले से तय योजनाओं को लागू कर रहे हैं।”

स्थानीय रिपोर्ट्स और गवाहों के अनुसार, घटना सुबह करीब 1 बजे शुरू हुई। सशस्त्र पुलिस ने बेस के मुख्य गेट तक पहुंच को ब्लॉक कर दिया। फेयरफोर्ड गांव के पास करीब 30 आपातकालीन वाहन—पुलिस कारें, एंबुलेंस और दमकल—तैनात देखे गए। हजार्डस एरिया रिस्पॉन्स टीम (HART) समेत बड़ी संख्या में आपातकालीन सेवाएं मौके पर मौजूद रहीं। कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया कि कम से कम चार पुरुषों को बंदूक की नोक पर गिरफ्तार किया गया, जिनमें से कुछ बिना कमीज के थे। हॉरकॉट रोड और आसपास की सड़कों पर पुलिस दरवाजा-दरवाजा खाली करवा रही थी।

RAF फेयरफोर्ड ग्लॉस्टरशायर में स्थित है और अमेरिकी वायु सेना के 501वें कॉम्बैट सपोर्ट विंग तथा 420वें एयर बेस स्क्वाड्रन का मुख्यालय है। यह बेस लंबे समय से अमेरिकी बॉम्बर्स के यूरोपीय हब के रूप में इस्तेमाल होता रहा है। ब्रिटिश सरकार ने अमेरिकी बलों को इस बेस से ईरान के मिसाइल ठिकानों पर हमले की अनुमति दी थी, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमला कर रहे थे। फरवरी 2026 के अंत से ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से यहां अमेरिकी बॉम्बर्स तैनात रहे हैं। जुलाई में ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी थी कि अमेरिकी बॉम्बर्स को फेयरफोर्ड से उड़ान भरने की अनुमति न दी जाए, जिसके बाद ब्रिटेन ने अपने सशस्त्र बलों को किसी भी हमले से देश की रक्षा के लिए तैयार रहने का ऐलान किया था।

अमेरिकी वायु सेना के प्रवक्ता ने विशिष्ट सुरक्षा उपायों पर टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा, “501वें कॉम्बैट सपोर्ट विंग और हमारे यूके स्थित अन्य विंग सतर्क रहेंगे और हमारे अमेरिकी सैनिकों, नागरिकों, ठेकेदारों तथा उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाएंगे। हम लगातार विभिन्न कारकों का आकलन करते हैं जो हमारे इंस्टॉलेशन, लोगों और परिवारों की सुरक्षा के लिए उपाय तय करते हैं।” कुछ खुफिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि बेस को FPCON Delta (अमेरिकी रक्षा विभाग का उच्चतम फोर्स प्रोटेक्शन स्तर) पर रखा गया है, जो आमतौर पर आतंकी हमला होने या आसन्न खतरे का संकेत देता है, लेकिन अमेरिकी पक्ष ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

पुलिस का कहना है कि घटना नियंत्रित है और वे सहयोगी एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहे हैं। फिलहाल कोई और बड़े खतरे की आशंका नहीं जताई गई है, लेकिन इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी हुई है। यह घटना उस समय हुई है जब मध्य पूर्व में तनाव जारी है और ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों पर निगरानी बढ़ी हुई है। स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक अपडेट का इंतजार करें और अनावश्यक रूप से इलाके में न जाएं। पुलिस जांच जारी है।

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