नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर नोएडा से ग्रेटर नोएडा की दिशा में जाने वाले पहले एग्जिट पॉइंट पर फिलहाल कोई आधिकारिक दिशा-सूचक बोर्ड नहीं लगा है। यह एग्जिट सेक्टर 105, सेक्टर 108, सेक्टर 82, एटीएस हेमलेट सहित आसपास की कई बड़ी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के साथ-साथ गेझा और भगेल गांवों को भी जोड़ता है। बोर्ड न होने से रोज़ाना यहां से गुजरने वाले हजारों यात्रियों, स्थानीय निवासियों और खासकर बाहर से आने वाले वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन के लिए हटाया गया मूल बोर्ड
सेक्टर 105 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने बताया कि इस एग्जिट पॉइंट पर पहले सेक्टर 105 और 108 के लिए एक स्पष्ट दिशा-सूचक बोर्ड मौजूद था। लेकिन एक बड़ा व्यावसायिक विज्ञापन लगाने के लिए उस मूल बोर्ड को हटा दिया गया। उनके अनुसार, बोर्ड की गैरमौजूदगी में तेज़ रफ्तार वाहन चालकों को मोड़ का समय पर अंदाज़ा नहीं लग पाता, जिससे उन्हें अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है। इससे एक्सप्रेसवे पर गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पर भी जताई नाराज़गी
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने नोएडा प्राधिकरण की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले असामाजिक तत्वों और निजी कंपनियों पर भी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि शहर में कई जगहों पर सरकारी संपत्तियों और दीवारों पर अवैध रूप से विज्ञापन और पोस्टर चिपकाकर उन्हें नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जो न सिर्फ प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन है बल्कि शहर की सुंदरता को भी प्रभावित करता है।
प्राधिकरण से तुरंत कार्रवाई की मांग
दिव्य कृष्णात्रेय ने नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक ए. के. अरोड़ा से अपील की है कि नागरिकों और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए इस एग्जिट पॉइंट पर तुरंत एक बड़ा, स्पष्ट और रात में चमकने वाला (रिफ्लेक्टिव) साइन बोर्ड लगवाया जाए। साथ ही, जनसुविधा को नुकसान पहुंचाकर व्यावसायिक लाभ कमाने वाले और प्राधिकरण की संपत्ति को अवैध विज्ञापनों से क्षतिग्रस्त करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई है। क्षेत्रीय निवासियों ने उम्मीद जताई है कि प्राधिकरण जल्द इस मुद्दे पर संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाएगा।
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