नोएडा (उत्तर प्रदेश): नोएडा शहर के विभिन्न सेक्टरों में लगातार फैल रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) के अधिकारी अब एक्शन मोड में आ गए हैं। हालांकि, स्थानीय निवासियों और जानकारों का मानना है कि प्राधिकरण की यह कार्रवाई केवल दिखावटी और रस्म अदायगी भर है।
अवैध निर्माण रोकने में विफल रहने और लापरवाही बरतने के आरोप में प्राधिकरण प्रशासन ने दो जूनियर इंजीनियर (JE) और दो सुपरवाइजरों को नौकरी से हटा दिया है (बर्खास्त कर दिया है)।
औचक निरीक्षण में खुली दावों की पोल: बरोला, सेक्टर-138 और 140 में मिला अवैध निर्माण
मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) वंदना त्रिपाठी, पुष्पराज सिंह और ओएसडी (OSD) क्रांति शेखर की अगुवाई में शहर के कई इलाकों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कई चौंकाने वाली खामियां मिलीं:
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गांव बरोला में चलता मिला निर्माण: बरोला क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध निर्माण का काम चालू पाया गया। जब ACEO ने वर्क सर्किल प्रभारी से इस पर सवाल किया, तो उन्होंने केवल नोटिस जारी करने और FIR दर्ज कराने का गोलमोल हवाला दिया। लेकिन ‘काम वास्तव में क्यों नहीं रुकवाया गया?’, इसका जवाब किसी अधिकारी के पास नहीं था।
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सेक्टर-138 और 140 में भी धांधली: इन सेक्टरों में भी बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण होता पाया गया।
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गंदगी का अंबार: निरीक्षण के दौरान अवैध निर्माण के साथ-साथ इन सेक्टरों में सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह ध्वस्त मिली।
इसी लापरवाही का संज्ञान लेते हुए मौके पर मौजूद दो जेई (JE) और दो सुपरवाइजरों पर तुरंत गाज गिराते हुए उन्हें सेवा से समाप्त कर दिया गया।
बड़ा सवाल: हाजीपुर, सलारपुर और महर्षि आश्रम की जमीन पर कार्रवाई कब?
निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई के बाद अब नोएडा प्राधिकरण की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि छोटी मछलियों पर कार्रवाई करके बड़े भू-माफियाओं और जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों को बचाया जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि:
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गांव हाजीपुर और सलारपुर में बड़े पैमाने पर जारी अवैध निर्माण पर कड़ा एक्शन कब होगा?
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महर्षि आश्रम की जमीन का खेल: महर्षि आश्रम की कीमती जमीन का लैंड यूज (Land Use) गैर-कानूनी तरीके से बदलकर वहां बहुमंजिला अवैध फ्लैट्स का निर्माण करा दिया गया है।
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जिम्मेदारों की जवाबदेही: करोड़ों रुपये के इस लैंड यूज चेंज और अवैध फ्लैट निर्माण के सिंडिकेट में शामिल बड़े अधिकारियों और भू-माफियाओं की जवाबदेही तय करके उन पर बुलडोजर और कानूनी कार्रवाई कब की जाएगी?
दिखावे का एक्शन या सख्ती?
शहर में लगातार पनप रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण से प्राधिकरण के मास्टर प्लान को गहरा झटका लग रहा है। अब देखना यह होगा कि क्या प्राधिकरण केवल जेई और सुपरवाइजरों को हटाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देगा, या हाजीपुर, सलारपुर और महर्षि आश्रम जैसी बहुचर्चित अवैध जमीनों पर भी कोई निष्पक्ष और ठोस प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिलेगी।

