गौतमबुद्ध नगर में फायर सिस्टम होगा और मजबूत, यीडा क्षेत्र में बनेंगे दो नए फायर स्टेशन

नोएडा/ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट में अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में शासन स्तर से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। जिले में बढ़ती आबादी, ऊंची इमारतों, औद्योगिक गतिविधियों और लगातार विकसित हो रहे यीडा क्षेत्र को देखते हुए अग्निशमन व्यवस्था के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। शासन ने नए अग्निशमन केंद्रों की स्थापना के साथ-साथ अत्याधुनिक फायर टेंडर, मशीनरी और उपकरणों की खरीद के लिए कुल 440 करोड़ रुपये के अनुदान को स्वीकृति दी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गौतमबुद्ध नगर में आग लगने की घटनाओं के साथ-साथ अन्य आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए फायर विभाग की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। खासतौर पर यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में नए फायर स्टेशन बनने से जेवर और आसपास के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को आपात स्थिति में बेहतर फायर रिस्पॉन्स मिल सकेगा।

यीडा सेक्टर-32 में बनेगा सात यूनिट क्षमता वाला फायर स्टेशन

यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी यीडा क्षेत्र के सेक्टर-32 में नए अग्निशमन केंद्र के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। यहां भूखंड संख्या एफ-4 पर सात यूनिट क्षमता वाले फायर स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए शासन की ओर से 23.59 करोड़ रुपये का अनुदान आवंटित किया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद अब निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी और जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। सेक्टर-32 में फायर स्टेशन बनने से आसपास के औद्योगिक, व्यावसायिक और विकसित हो रहे क्षेत्रों में आग लगने या किसी अन्य आपात स्थिति के दौरान दमकल की गाड़ियों को अपेक्षाकृत कम समय में मौके तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

जेवर के सेक्टर-18 में भी बनेगा नया फायर स्टेशन

अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जेवर तहसील के सेक्टर-18 में भी नया फायर स्टेशन स्थापित किया जाएगा। यहां भूखंड संख्या एफ-1 पर सात यूनिट क्षमता वाले अग्निशमन केंद्र का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना के लिए भूमि सहित 23.33 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है। जेवर क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और उससे जुड़े औद्योगिक एवं व्यावसायिक विकास को देखते हुए अग्निशमन सेवाओं का विस्तार महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्षेत्र में आने वाले समय में औद्योगिक इकाइयों, लॉजिस्टिक्स हब, व्यावसायिक गतिविधियों और अन्य परियोजनाओं के बढ़ने के साथ आपातकालीन सेवाओं की मांग भी बढ़ सकती है। ऐसे में नया फायर स्टेशन स्थानीय स्तर पर फायर विभाग की पहुंच को मजबूत करने में मदद करेगा।

आधुनिक वाहन और उपकरण भी खरीदे जाएंगे

शासन की स्वीकृति सिर्फ नए फायर स्टेशनों के निर्माण तक सीमित नहीं है। अग्निशमन विभाग को आधुनिक बनाने के लिए अत्याधुनिक वाहनों, मशीनों और विभिन्न फायर-फाइटिंग उपकरणों की खरीद के लिए भी बजट स्वीकृत किया गया है। आधुनिक संसाधनों से लैस होने के बाद फायर विभाग को ऊंची इमारतों, औद्योगिक इकाइयों, गोदामों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर होने वाली आग की घटनाओं से निपटने में अतिरिक्त मदद मिलेगी। गौतमबुद्ध नगर में हाईराइज सोसाइटी, औद्योगिक क्षेत्र और तेजी से बढ़ते शहरी एवं व्यावसायिक इलाकों को देखते हुए अग्निशमन संसाधनों को बढ़ाना आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

440 करोड़ रुपये की स्वीकृति से बदलेगी अग्निशमन व्यवस्था

कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए शासन स्तर से कुल 440 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी दी गई है। इस राशि से अलग-अलग परियोजनाओं के माध्यम से फायर स्टेशनों के निर्माण, वाहनों, मशीनों और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी। नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जिले में आग और अन्य आपदाओं के दौरान फायर विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

तेजी से बढ़ रहे यीडा क्षेत्र के लिए जरूरी है मजबूत फायर नेटवर्क

यीडा क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में औद्योगिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का विस्तार हुआ है। जेवर एयरपोर्ट सहित कई बड़ी परियोजनाओं के चलते आने वाले समय में यहां आबादी और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। ऐसे में नए फायर स्टेशन और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता को आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था के लिए अहम माना जा रहा है। सेक्टर-32 और सेक्टर-18 में प्रस्तावित दोनों फायर स्टेशन इस क्षेत्र में दमकल सेवाओं की भौगोलिक पहुंच को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अब इन परियोजनाओं के लिए स्वीकृत धनराशि के बाद निर्माण और उपकरण खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ने का इंतजार है। परियोजनाएं निर्धारित समय पर पूरी होती हैं तो गौतमबुद्ध नगर की अग्निशमन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम साबित हो सकता है।

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