नोएडा। डूब क्षेत्र की 42 कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन और आपूर्ति की मांग को लेकर सेक्टर-123 स्थित पर्थला पुल के पास भारतीय किसान परिषद का धरना रविवार को 14वें दिन भी जारी रहा। लगातार चल रहे आंदोलन के बीच भूख हड़ताल पर बैठी पांच महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के बाद आंदोलनकारियों में नाराजगी और बढ़ गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि डूब क्षेत्र में रहने वाले हजारों परिवार लंबे समय से बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं और उनकी मांगों का समाधान किया जाना चाहिए।
पांच महिलाओं के अस्पताल पहुंचने के बाद पांच अन्य ने शुरू किया आमरण अनशन
भारतीय किसान परिषद के अनुसार, धरना स्थल पर कुल 35 लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनमें महिलाओं की संख्या भी काफी अधिक है। लगातार कई दिनों से भोजन त्यागकर आंदोलन कर रही पांच महिलाओं की हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया।
इसके बाद आंदोलन को जारी रखने के लिए पांच अन्य महिलाओं ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। इससे पहले भी भूख हड़ताल के दौरान तीन महिलाओं की तबीयत खराब हो चुकी है और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
लगातार स्वास्थ्य बिगड़ने के बावजूद आंदोलन जारी रहने से डूब क्षेत्र में बिजली के मुद्दे को लेकर प्रशासन और विद्युत निगम पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
14 दिन से जारी है धरना
डूब क्षेत्र की 42 कॉलोनियों में बिजली की मांग को लेकर भारतीय किसान परिषद की ओर से सेक्टर-123 में पर्थला पुल के पास धरना शुरू किया गया था। रविवार को आंदोलन का 14वां दिन रहा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि डूब क्षेत्र में बड़ी संख्या में परिवार रह रहे हैं और उन्हें बिजली की सुविधा को लेकर लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर परिषद ने धरने के साथ भूख हड़ताल भी शुरू की है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पर ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक धरना जारी रहेगा।
विद्युत निगम के खिलाफ की नारेबाजी
महिलाओं को अस्पताल ले जाने के दौरान धरना स्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने विद्युत निगम के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने बिजली की समस्या का स्थायी समाधान किए जाने की मांग उठाई।
धरने में शामिल लोगों का कहना है कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर लंबे समय तक आंदोलन करना उनकी मजबूरी बन गया है। वहीं, भूख हड़ताल पर बैठी महिलाओं की लगातार बिगड़ती तबीयत ने आंदोलन को और गंभीर बना दिया है।
स्वास्थ्य बिगड़ने से आंदोलन हुआ गंभीर
आंदोलन के दौरान अब तक कई महिलाओं की तबीयत बिगड़ चुकी है। पहले तीन महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जबकि रविवार को पांच और महिलाओं को जिला अस्पताल ले जाया गया।
इसके बाद पांच अन्य महिलाओं के आमरण अनशन शुरू करने से आंदोलन का स्वरूप और गंभीर हो गया है। ऐसे में प्रशासन के सामने एक तरफ बिजली की मांग से जुड़े मुद्दे का समाधान निकालने की चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ भूख हड़ताल कर रहे प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य की निगरानी भी जरूरी हो गई है।
बिजली के मुद्दे पर समाधान का इंतजार
डूब क्षेत्र की 42 कॉलोनियों में बिजली की मांग को लेकर चल रहा यह आंदोलन अब दो सप्ताह के करीब पहुंच चुका है। धरना स्थल पर लगातार लोगों की मौजूदगी बनी हुई है और भूख हड़ताल भी जारी है।
फिलहाल प्रदर्शनकारियों की मांग और विद्युत निगम के बीच समाधान को लेकर स्थिति पर लोगों की नजर बनी हुई है। पांच महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराए जाने और पांच अन्य के आमरण अनशन शुरू करने के बाद आने वाले दिनों में प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, यह महत्वपूर्ण होगा।
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