अंधभक्त बनाम स्टूडेंट, राहुल गांधी इंदौर छात्रों की गूंज, मोदी-शाह सिस्टम पर हमला

इंदौर। पांचवें संस्करण में ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ थीम पर कांग्रेस नेता ने शिक्षा बजट कटौती, स्कूल बंद होने, छात्रवृत्ति घटने और अडानी-अंबानी का जिक्र करते हुए आरोप लगाए; आयोजन को लेकर पहले विवाद भी रहा।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार (19 सितंबर 2026) को मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित अपने छात्र आउटरीच कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ के पांचवें संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश पर ‘सिस्टम’ का कब्जा है और यह सिस्टम जिज्ञासु छात्रों की बजाय अंधभक्तों को पसंद करता है।

कार्यक्रम का विषय “सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स” रखा गया था। इससे पहले यह कार्यक्रम कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में आयोजित हो चुका है। राहुल गांधी ने सभागार में मौजूद युवाओं से पूछा कि सिस्टम में क्या उनके खिलाफ काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “यह सिस्टम देश पर सिस्टम का कब्जा है। इसमें अलग-अलग परतें हैं। सबसे ऊपर छह लोग बैठे हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि सिस्टम को नरेंद्र मोदी चलाते हैं। छात्रों को दबाने, पीटने, डंडे और पेलेट गन से मारने का काम अमित शाह संभालते हैं। वे एन्फोर्सर हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर उन्होंने आरोप लगाया कि वे टेलीफोन, व्हाट्सऐप, फेसबुक और संचार व्यवस्था पर नियंत्रण रखते हैं तथा फोन टैप करके जानकारी मोदी और शाह को देते हैं। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बारे में कहा कि उन्हें स्कूल-कॉलेज चलाने के लिए हजारों करोड़ रुपये दिए गए हैं।

राहुल गांधी ने वित्तीय हितों का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि स्कूल-यूनिवर्सिटी से जुड़े ठेकों का पैसा भाजपा के मार्केटिंग और सिस्टम चलाने में इस्तेमाल हो रहा है। क्रिकेट प्रशासन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर और कपिल देव जैसे कई क्रिकेटर होने के बावजूद पूरा प्रशासन अमित शाह के बेटे को सौंप दिया गया है।

उन्होंने दावा किया कि सिस्टम को छात्रों से खतरा इसलिए है क्योंकि छात्र सवाल पूछते हैं। अंधभक्त कभी सवाल नहीं पूछता। अंधभक्त कहता है कि भारत को आजादी नहीं मिली, विकास की जरूरत नहीं है या मोदी जी विष्णु के अवतार हैं। लेकिन छात्र पूछता है कि स्कूल-कॉलेज की हालत क्यों बिगड़ी, इंफ्रास्ट्रक्चर क्यों टूटा, पेपर क्यों लीक हो रहे हैं।

शिक्षा क्षेत्र के आंकड़े पेश करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि 2014 में जब हमारी सरकार थी तो बजट का 4.6 प्रतिशत शिक्षा को जाता था। अब यह घटकर 2.6 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा के लिए जो 7.7 लाख करोड़ रुपये जाने चाहिए थे, वे अडानी-अंबानी जैसे अरबपतियों के पास चले गए। पिछले 10 वर्षों में 1.5 करोड़ छात्रों की छात्रवृत्तियां छीन ली गईं। एक लाख सरकारी स्कूल बंद हुए, जिनमें 55 प्रतिशत मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में हैं। कार्यक्रम में दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को ढही पांच मंजिला इमारत के पीड़ित परिवार से भी बातचीत हुई। 18 वर्षीय अर्पित जाज के परिवार ने सिस्टम की लापरवाही का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने न्याय के लिए मदद का आश्वासन दिया और छात्रों से अपील की कि देश में फैल रही हिंसा और नफरत को वे ही खत्म कर सकते हैं, अंधभक्त नहीं।

आयोजन को लेकर विवाद
मूल रूप से कार्यक्रम 12 सितंबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होना था, लेकिन जिला प्रशासन ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अनुमति नहीं दी। कांग्रेस ने इसे आईडीए ग्राउंड में शिफ्ट किया और 10.08 लाख रुपये किराया चुकाया। बाद में आईडीए ने अतिरिक्त 4.03 लाख रुपये की मांग की। पुलिस सुरक्षा नोट पर भी कांग्रेस ने आपत्ति जताई थी। राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के चल रहे आंदोलन में शामिल होने का भी प्रस्ताव रखा और कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं। बिना छात्रों के कोई देश मजबूत नहीं हो सकता।

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