CM योगी और सहारनपुर DM को बताया था क्रिमिनल, बीती 2 रात हिरासत में

सहारनपुर। यूट्यूबर और सामाजिक कार्यकर्ता हुदा जरीवाला गुरुवार को अपने वकीलों के साथ सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि 9 सितंबर को सहारनपुर पुलिस प्रशासन ने उन्हें सर्किट हाउस से गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया था।

“बेल बॉन्ड तक नहीं मांगा गया”

जरीवाला ने बताया कि उन्हें 7 सितंबर को सर्किट हाउस से अवैध ढंग से उठाया गया और दो रातों तक बिना किसी वैध प्रक्रिया के जेल में रखा गया। उनके अनुसार, धारा 151 के तहत अगर कोई व्यक्ति बेल बॉन्ड देने को तैयार हो तो उसे हिरासत में नहीं रखा जा सकता, लेकिन न तो उनसे बेल बॉन्ड मांगा गया और न ही कोई पूछताछ की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान उनका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया।

विवाद की जड़ में मस्जिद ध्वस्तीकरण

पुलिस कार्रवाई का पृष्ठभूमि यह है कि जरीवाला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सहारनपुर डीएम अरविंद चौहान को क्रिमिनल कहा था, साथ ही कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद गिराए जाने की कार्रवाई को “क्रिमिनल एक्टिविटी” करार दिया था। इसके बाद सहारनपुर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। सहारनपुर, मुरादाबाद और दिल्ली के अधिवक्ताओं की मदद से 11 सितंबर को सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट से उन्हें जमानत मिली। इसी मामले में पेशी के लिए वह गुरुवार को सहारनपुर पहुंचीं।

“अनजान लोगों ने मदद की, डरने वाली नहीं हूं”

जरीवाला ने कहा कि सहारनपुर की जिस वकीलों की टीम ने उनकी मदद की, उनमें से किसी को वह पहले जानती तक नहीं थीं, फिर भी सभी उनके समर्थन में खड़े रहे और धारा 151 के तहत जमानत दिलाकर जेल से बाहर निकाला। उन्होंने यह भी बताया कि अधिवक्ता दुष्यंत सिंह ने धारा 299 के तहत उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, जिसकी प्रक्रिया को लेकर वे स्पष्टता नहीं होने की बात कहती हैं। इस मामले में गुरुवार को उनकी पहली पेशी थी। उन्होंने कहा कि वे डरने वाली नहीं हैं और देश की अदालतों, हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट पर उन्हें पूरा भरोसा है।

कौन हैं हुदा जरीवाला

हुदा जरीवाला आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता रह चुकी हैं और बीबीसी लंदन में भी काम कर चुकी हैं। वर्तमान में वे खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और यूट्यूबर बताती हैं। उनके मामा डॉ. अजीज कुरैशी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश (अतिरिक्त प्रभार) व मिजोरम के पूर्व राज्यपाल रह चुके हैं। जरीवाला का जन्म और शुरुआती शिक्षा सऊदी अरब के रियाद में हुई, जहां उनके पिता रहते थे। बाद में परिवार भारत आ गया और उन्होंने आगे की पढ़ाई यहीं से पूरी की। वे सऊदी अरब के संस्कृति एवं सूचना मंत्रालय की रिसर्च टीम का भी हिस्सा रह चुकी हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में प्रचार किया था।

5 सितंबर को गिराई गई थी मस्जिद, मिला पुराना कुआं

सहारनपुर प्रशासन ने 5 सितंबर को कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को अवैध बताते हुए बुलडोजर से गिरा दिया था। करीब 16 घंटे तक 6 बुलडोजर चलाए गए थे। मलबा हटाने पर वहां एक पुराना कुआं मिला, जिसकी जांच के लिए ASI की टीम पहुंची थी। अधिकारियों के अनुसार यह कुआं 200 से 250 साल पुराना हो सकता है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के बाद की गई, जबकि मस्जिद पक्ष का आरोप है कि उन्हें हाईकोर्ट में अपील का मौका नहीं दिया गया। मस्जिद के वकील बाबर वसीम ने कहा है कि वे इस कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे। वहीं शिकायतकर्ता विकास त्यागी का दावा है कि वहां पहले मंदिर था, जिसे तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी।

मस्जिद विवाद की टाइमलाइन

10 फरवरी 2025 को बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मस्जिद को अवैध बताते हुए डीएम से शिकायत की थी, जिसमें मस्जिद परिसर के कमरों और वहां चल रहे डाकघर से किराया वसूले जाने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद जांच के आदेश दिए गए और जांच में मस्जिद को अवैध पाया गया। 24 मार्च 2025 को प्रशासन ने नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट में याचिका दाखिल की। 16 जुलाई 2026 को कोर्ट ने मस्जिद को अवैध मानते हुए हटाने और 6.41 करोड़ रुपए हर्जाना वसूलने का आदेश दिया, साथ ही कब्जेदारों को 30 दिन का समय दिया। 20 जुलाई को मस्जिद पक्ष ने इस आदेश के खिलाफ जिला कोर्ट में याचिका दी, जिस पर 24 जुलाई को स्टे मिल गया था। लेकिन 2 सितंबर को जिला जज सतेंद्र कुमार की कोर्ट ने सिटी मजिस्ट्रेट के ध्वस्तीकरण आदेश को बरकरार रखते हुए मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें: री-पोलिंग में कांग्रेस को 6, भाजपा को 3 सीटों पर जीत; जयपुर में सभी 4 वार्ड में भाजपा हारी

यहां से शेयर करें