अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के सैक्रामेंटो शहर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 38 वर्षीय भारतीय मूल की महिला शालिनी ठाकुर की उनके कार्यस्थल के बाहर पीछा कर गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना मंगलवार को दिन के उजाले में हुई। पुलिस के अनुसार, हमलावर की पहचान 22 वर्षीय रोहित के रूप में हुई है, जो पिछले करीब एक साल से शालिनी का पीछा कर रहा था और उन्हें परेशान कर रहा था। उसके खिलाफ अदालत से रोक का आदेश (रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर) भी जारी हो चुका था, बावजूद इसके उसने कई बार इसका उल्लंघन किया।
सैक्रामेंटो के आर्डेन-आर्केड इलाके में हुई वारदात
घटना सैक्रामेंटो के आर्डेन-आर्केड इलाके में स्थित एक पनेरा ब्रेड रेस्टोरेंट के बाहर हुई, जहां शालिनी वेट्रेस के रूप में काम करती थीं। पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब 3 बजे आरोपी ने शालिनी का पीछा किया। भागने की कोशिश के दौरान उसने कई गोलियां चलाईं। जमीन पर गिरने के बाद भी उसने नजदीक से उनके सिर में एक और गोली दागी। घटनास्थल पर पहुंची मेडिकल टीम ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हमलावर ने हाईवे पर खुद को मारी गोली
वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रीडर सिस्टम की मदद से उसकी गाड़ी को ट्रैक किया। कुछ ही मिनटों में हाईवे-50 पर उसकी गाड़ी का पता चला। जब पुलिस ने गाड़ी रुकवाने की कोशिश की, तो आरोपी ने हाईवे पर ही गाड़ी रोक दी, जिसके बाद कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल को पूर्व दिशा की सभी लेन बंद करनी पड़ीं। स्थानीय मीडिया की फुटेज में आरोपी की गाड़ी को शेरिफ की गाड़ियों और एक बख्तरबंद वाहन से घिरा देखा गया। पुलिस ने ड्राइवर साइड की खिड़की तोड़कर अंदर ड्रोन भेजा, जिसके बाद पता चला कि आरोपी ने खुद को गोली मार ली थी। बाद में अधिकारियों ने पुष्टि की कि उसकी मौत हो चुकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान पुलिस ने कोई गोली नहीं चलाई। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी रोहित अवैध रूप से अमेरिका में रह रहा था और इससे पहले एरिजोना में हिरासत में लिया जा चुका था।
महीनों से चल रहा था पीछा करने का सिलसिला
शालिनी की मां सुदेश कुमारी ने बताया कि रोहित उनकी बेटी से शादी करना चाहता था, लेकिन उम्र के अंतर के कारण शालिनी ने इनकार कर दिया था। मां के मुताबिक, “वह उससे बहुत डरी हुई थी।” कोर्ट के दस्तावेजों के अनुसार, पीछा करने का सिलसिला सितंबर 2025 के आसपास शुरू हुआ था और समय के साथ यह और गंभीर होता गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, शालिनी की मुलाकात रोहित से डोरडैश डिलीवरी के दौरान उनके कार्यस्थल पर हुई थी। जब उसका व्यवहार हद से ज्यादा बढ़ने लगा, तो शालिनी ने अदालत से रोक का आदेश हासिल किया। आरोप है कि रोहित घंटों उनके घर के बाहर इंतजार करता था, उनकी गाड़ी के टायर पंचर कर देता था और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गाड़ी में एप्पल एयरटैग लगा दिया था। दस्तावेजों में यह भी दर्ज है कि रोहित ने शालिनी की चाबी की डुप्लीकेट बनवा ली थी और एक बार सोते समय उनके फ्लैट में घुस गया था। अदालत ने 19 मई को उसे रोक के आदेश की जानकारी दी थी, लेकिन जांचकर्ताओं के अनुसार उसने बाद में भी इसका उल्लंघन किया। जुलाई के अंत में उसने आदेश की अवहेलना करते हुए शालिनी के घर के बाहर किराने का सामान भी रख दिया था।
घटना से कुछ देर पहले हुई थी आखिरी बातचीत
शालिनी की मां ने बताया कि घटना से लगभग एक घंटे पहले दोपहर 1:58 बजे उनकी बेटी से फोन पर बात हुई थी। शालिनी ने 15 मिनट में वापस कॉल करने का वादा किया था, लेकिन दोबारा संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद मां ने कई बार कॉल और व्हाट्सएप मैसेज किए, जिनमें “प्लीज मुझे कॉल करो” और “मुझे तुम्हारी चिंता हो रही है” जैसे संदेश शामिल थे। शालिनी की मां के पति की दो साल पहले मौत हो चुकी है और शालिनी उनकी इकलौती संतान थीं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं, जिसमें पीछा करने की घटनाओं, अदालती आदेश के उल्लंघन और हाईवे पर आरोपी की मौत की परिस्थितियों की भी पड़ताल शामिल है।
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