नोएडा। नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-77 में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मास्टर ग्रीन के लिए आरक्षित भूमि से अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई 7 सितंबर 2026 की रात वर्क सर्किल-6 की टीम द्वारा ग्राम सोरखा के खसरा संख्या-18 पर की गई, जहां अतिक्रमणकारियों ने प्राधिकरण की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। मुक्त कराई गई भूमि का क्षेत्रफल करीब 4200 वर्ग मीटर है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह जमीन मास्टर ग्रीन योजना के लिए आरक्षित थी, ताकि क्षेत्र में हरित पट्टी विकसित कर नागरिकों को बेहतर पर्यावरणीय सुविधाएं दी जा सकें।
अदालत में भी हारे अतिक्रमणकारी
प्राधिकरण के अनुसार, अतिक्रमणकर्ता ने कार्रवाई रोकने के लिए माननीय न्यायालय में वाद संख्या 758/2025 दाखिल कर निर्माण-विकास कार्य में हस्तक्षेप न करने की राहत मांगी थी। लेकिन प्राधिकरण की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने निषेधाज्ञा को निरस्त कर दिया, जिसके बाद प्राधिकरण की टीम ने नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी की।
सीईओ के निर्देश पर चल रहा अभियान
नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करुणेश के निर्देश पर प्राधिकरण की टीमें लगातार अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ अभियान चला रही हैं। हाल के दिनों में ग्राम इलाबास में भी प्राधिकरण ने करीब 40 एकड़ अधिसूचित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराते हुए कई अवैध कार्यालय भवन ध्वस्त किए थे। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी हाल ही में सड़क किनारे बनी 12 अस्थाई अवैध दुकानों पर कार्रवाई की थी। इससे स्पष्ट है कि पूरे गौतमबुद्धनगर जिले में अतिक्रमण के खिलाफ प्राधिकरणों का अभियान लगातार तेज हो रहा है।
किसी भी अवैध कब्जे को नहीं मिलेगी छूट
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि सरकारी अथवा प्राधिकरण की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या अनधिकृत निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। अधिकारियों ने कहा कि मास्टर ग्रीन की भूमि पर विकास योजना पर काम जारी है, जिससे क्षेत्र में हरित क्षेत्र का विस्तार होगा।
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