नई दिल्ली/पटना/अहमदाबाद। एक छोटी सी अनजानी राजनीतिक पार्टी इन दिनों भारी-भरकम चंदे को लेकर सुर्खियों में है। आम जनमत पार्टी को वित्तीय वर्ष 2023-24 में 620 करोड़ रुपये का चंदा मिला। यह राशि देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को मिले चंदे से दोगुनी से भी ज्यादा है। बीबीसी की हालिया पड़ताल में इस रहस्यमयी पार्टी के बारे में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पार्टी का गठन 2020 में पटना (बिहार) में हुआ था। शुरुआती दो सालों में इसे 20 हजार रुपये से ज्यादा का कोई चंदा नहीं मिला। लेकिन 2022-23 में अचानक 216 करोड़ रुपये और 2023-24 में 620 करोड़ रुपये का चंदा आ गया। 2024 लोकसभा चुनाव में इस पार्टी ने सिर्फ एक उम्मीदवार उतारा था।
अहमदाबाद में बंद मिला दफ़्तर
पार्टी के आधिकारिक पते पर बीबीसी टीम जब गुजरात के अहमदाबाद पहुंची, तो वहां दफ़्तर का शटर डाउन मिला। कोई बोर्ड या पार्टी से जुड़ा व्यक्ति नजर नहीं आया। इससे पहले बिहार वाले पते पर भी कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
ट्रेजरर का अजीब रवैया
पार्टी के कोषाध्यक्ष (ट्रेजरर) धर्मेंद्र वैष्णव से जब इतने बड़े चंदे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने साफ कहा कि पार्टी बंद हो चुकी है और सभी सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। करोड़ों के चंदे की कोई जानकारी होने से भी उन्होंने इनकार कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि दफ़्तर बंद और पार्टी खत्म होने के दावों के बावजूद उनके बैंक अकाउंट में चंदा भेजने का प्रयास सफल रहा।
पूर्व अध्यक्ष अब बीजेपी में
पार्टी के पुराने फेसबुक पेज के अनुसार, अनामिका पासवान इसकी राष्ट्रीय अध्यक्ष रही हैं। वर्तमान में वे भाजपा की बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने 2022 में ही इस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद गौरव मिश्रा अध्यक्ष बने और पार्टी का ठिकाना बिहार से बदलकर अहमदाबाद कर दिया गया। बीबीसी रिपोर्ट के अनुसार, आम जनमत पार्टी सहित गुजरात आधारित छह रजिस्टर्ड लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों (RUPPs) को 2023-24 में कुल करीब 1700 करोड़ रुपये का चंदा मिला। ये पार्टियां चुनाव बहुत कम लड़ती हैं, लेकिन चंदे का ग्राफ आसमान छूता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी कागजी पार्टियों के जरिए टैक्स छूट का फायदा उठाया जा सकता है। यह मामला राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। चुनाव आयोग और आयकर विभाग से अब इस रहस्यमयी चंदे की गहन जांच की मांग तेज हो गई है।

