Kaushambi firecracker factory explosion: कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री बनी मलबे का ढेर, 8 बच्चों सहित 11 की दर्दनाक मौत, कई घायल

Kaushambi firecracker factory explosion: यूपी के कौशांबी जिले में सोमवार को प्रयागराज बॉर्डर पर एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हो गया। इस हादसे में 8 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। विस्फोट इतना जोरदार था कि पूरी फैक्ट्री जमींदोज हो गई और 100 मीटर के दायरे में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ मकान पूरी तरह ढह गए।

हादसा सोमवार दोपहर करीब 11 बजे से 12:30 बजे के बीच पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी (मनाउरी) बाजार/चिल्लाशहबाजी/मोहम्मदपुर गांव के पास हुआ। यह जगह प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर स्थित है और मनौरी एयरफोर्स स्टेशन से महज करीब 2 किलोमीटर दूर है। पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री एक मंजिला इमारत में अवैध रूप से चल रही थी। यहां बारूद और पटाखों का भंडारण किया जा रहा था। अचानक आग लगने के बाद एक के बाद एक जोरदार धमाके होने लगे। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और धुएं का गुबार आसमान में छा गया।

प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे के समय फैक्ट्री में कुछ मजदूर काम कर रहे थे, जबकि आसपास के घरों में रहने वाले लोग भी प्रभावित हुए। मृतकों में ज्यादातर बच्चे हैं। मृतकों के नामों में प्रियांजलि (5 वर्ष), प्रवीण सिंह (13 वर्ष), जाह्नवी (12 वर्ष), आदित्य (12 वर्ष), रवि (8 वर्ष), आदित्य (8 वर्ष), अंश (6 वर्ष), नन्हा (4 वर्ष) समेत ज्ञान सिंह (40), अंजू (32) और विक्रम सरोज (35) शामिल हैं। घायलों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

विस्फोट से फैक्ट्री पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई। आसपास 5 से 8 मकान क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें से कुछ ढह गए। मलबे में और लोग दबे होने की आशंका जताई जा रही थी, इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज किया गया। पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और एयरफोर्स के करीब 200 जवान मौके पर पहुंचे। 10 बुलडोजर से मलबा हटाया जा रहा था। दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन पर ट्रेन संचालन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।

पुलिस ने इसे अवैध निर्माण और भंडारण का मामला बताया है। फैक्ट्री का लाइसेंस पहले निरस्त हो चुका था, फिर भी रिहायशी इलाके में बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के काम चल रहा था। पुलिस ने फैक्ट्री संचालक आदिल पुत्र नौशाद, उनके पिता नौशाद, चाचा शकील, शकील की पत्नी शबाना, नौशाद की पत्नी कहकशा बानो और साइना के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। गिरफ्तारी के लिए टीमें सक्रिय हैं। डीएम अमित पाल शर्मा ने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और संपत्ति कुर्क की जा सकती है। हादसे के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री से जुड़े गोदाम पर बुलडोजर चलाया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजे का ऐलान किया। प्रधानमंत्री राहत कोष से भी इसी तरह की सहायता का प्रावधान बताया गया। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की। प्रभारी मंत्री समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि बच्चों की मौत कैसे हुई—क्या वे मजदूर के रूप में काम कर रहे थे या परिवार के साथ आसपास रहते थे। यह इलाका पहले भी ऐसे हादसों से जूझ चुका है। अवैध पटाखा इकाइयों पर लगाम लगाने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की मांग फिर जोर पकड़ रही है। प्रशासन और पुलिस जांच को तेज कर आगे की कार्रवाई कर रही है। घायलों का इलाज जारी है और रेस्क्यू टीम मलबे की सफाई में जुटी हुई है।

यह भी पढ़ें: Greater Noida murder case: पोस्टमॉर्टम ने खोली हैवानियत की परतें, 6 साल की बच्ची के हत्यारे बलराज की बर्बरता

यहां से शेयर करें