Sheikh Hasina extradition: मोदी के विकास में पड़ोसी हुए नाराज, बुलाते रह जाएँ फिर भी न आए पास

Sheikh Hasina extradition: नई दिल्ली/ढाका, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। भारतीय मीडिया में रिपोर्ट आई थी कि रहमान 23 से 25 अगस्त के बीच नई दिल्ली का दौरा कर सकते हैं, लेकिन बांग्लादेश की तरफ से साफ कहा गया है कि इस यात्रा पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

तारिक रहमान के प्रेस सचिव एएएम सालेह ने रॉयटर्स को बताया, “यात्रा पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।” उन्होंने कहा कि ढाका भारत से शेख हसीना और अन्य भगोड़े अपराधियों के प्रत्यर्पण पर जवाब का इंतजार कर रहा है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित ब्रीफिंग में इस यात्रा पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

इस बीच शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन की तरफ से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी हुई जिसमें कहा गया था कि शनिवार (22 अगस्त) को चेंज ऑफ गार्ड समारोह इसलिए नहीं होगा क्योंकि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के औपचारिक स्वागत की पूर्ण रिहर्सल होनी है। कुछ ही समय बाद यह विज्ञप्ति वापस ले ली गई। राष्ट्रपति भवन ने स्पष्ट किया कि 21 अगस्त की वह प्रेस विज्ञप्ति रद्द कर दी गई है। इससे यात्रा को लेकर और ज्यादा भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।

पृष्ठभूमि और तनाव के कारण

तारिक रहमान फरवरी 2026 में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की भारी जीत के बाद प्रधानमंत्री बने थे। उनके सत्ता में आने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशें चल रही थीं। दोनों देशों के बीच हफ्तों से द्विपक्षीय यात्रा को लेकर चर्चा हो रही थी। शुरुआती रिपोर्टों में 20-25 अगस्त के बीच संभावित तारीखों का जिक्र था।

हालांकि संबंधों में खटास का मुख्य कारण पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना हैं। 2024 में छात्र आंदोलन के बाद हसीना भारत भाग गई थीं और यहां निर्वासन में रह रही हैं। बांग्लादेश में उन्हें अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। ढाका लगातार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है, जबकि भारत कहता रहा है कि यह अनुरोध जांच के अधीन है। पिछले हफ्ते हसीना ने दिल्ली से पत्रकारों से बात की थी, जिसकी बांग्लादेश ने कड़ी निंदा की थी। इसके बाद ढाका ने साफ संकेत दिए थे कि यात्रा के लिए अनुकूल माहौल जरूरी है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि सही माहौल बनाए बिना यात्रा आगे नहीं बढ़ सकती।

भारत की तरफ से प्रयास

भारत रहमान को सम्मानजनक स्वागत देने और द्विपक्षीय मुलाकात को प्राथमिकता देने की बात कहता रहा है। भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने हाल ही में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि रहमान का दौरा यादगार होगा। भारत गंगा जल संधि के नवीनीकरण, ऊर्जा सहयोग, व्यापार प्रतिबंध हटाने और वीजा सुविधाओं जैसे मुद्दों पर चर्चा चाहता है।

रहमान प्रधानमंत्री बनने के बाद मलेशिया और चीन का दौरा कर चुके हैं। परंपरा के विपरीत उन्होंने पहले भारत नहीं आने का विकल्प चुना था। भारत ने उन्हें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (12-13 सितंबर) के लिए भी आमंत्रित किया था, लेकिन ढाका द्विपक्षीय यात्रा को प्राथमिकता देता दिख रहा है।

आगे क्या?

अभी यात्रा की कोई तारीख तय नहीं हुई है। बाद में दौरे की संभावना पूरी तरह से खारिज नहीं की गई है, लेकिन शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है। दोनों पड़ोसी देश रिश्तों को सुधारने की कोशिश में हैं, लेकिन मौजूदा तनाव के बीच उच्च स्तरीय मुलाकात अधर में लटकी हुई है।

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