Ujjain Mahakal Stampede: उज्जैन। सावन के तीसरे सोमवार और साल में सिर्फ एक बार नागपंचमी के दिन खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के दुर्लभ संयोग पर उज्जैन में महाकाल मंदिर परिसर में भगदड़ जैसे हालात बन गए। भारी भीड़ के दबाव से हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई, जिसमें कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद परिजनों और सुरक्षाकर्मियों की मदद से करीब 13 श्रद्धालुओं को अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल सभी का इलाज उज्जैन जिला अस्पताल में चल रहा है और चिकित्सकों की टीम भर्ती श्रद्धालुओं की हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है।
क्यों उमड़ी इतनी भारी भीड़
दरअसल, 2026 में सावन का तीसरा सोमवार, नागपंचमी और महाकाल की सवारी एक साथ पड़ने से यह करीब सात साल बाद बना दुर्लभ संयोग माना जा रहा था, इसलिए भगवान महाकाल के साथ-साथ नागचंद्रेश्वर मंदिर के विशेष दर्शन के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। इसके चलते मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर भारी भीड़ जमा हो गई। मंदिर प्रशासन के अनुसार अब तक करीब 5.50 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
घायल श्रद्धालुओं की सूची
अस्पताल पहुंचाए गए श्रद्धालुओं में शामिल हैं—
सागर, पिता मांशीष, निवासी किसनपुरा, उम्र 15 वर्ष
सजीव नोनू चौधरी, निवासी दरभंगा (बिहार), उम्र 36 वर्ष
खुशी, पिता माधव राव, निवासी बड़ा गणेश, ग्वालियर, उम्र 20 वर्ष
हरीशचंद, पिता अशोक, निवासी वासना (गुजरात), उम्र 26 वर्ष
तुलसी, पिता जय प्रकाश, निवासी गुजरात, उम्र 15 वर्ष
जय, पिता जय धवन, निवासी गुजरात, उम्र 12 वर्ष
लखन गोविन्द
सोनम सिंह
प्रशासन सतर्क, व्यवस्थाओं पर सवाल
घटना के बाद पुलिस और मंदिर प्रबंधन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। हालांकि इतने बड़े संयोग और अनुमानित भारी भीड़ के बावजूद बैरिकेडिंग क्षेत्र में हुई अफरा-तफरी ने भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। घायल सभी श्रद्धालुओं की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

