Tata Sons Board Crisis: मुंबई / नई दिल्ली। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वे फरवरी 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे। यह फैसला 18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) से ठीक पहले आया है|सूत्रों के अनुसार, नोएल टाटा (टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन) से मतभेद और ट्रस्ट के अंदर चल रही खींचतान इस इस्तीफे की मुख्य वजह बनी। टाटा संस में करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट्स के भीतर नेतृत्व विस्तार को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी।
चंद्रशेखरन का बयान चंद्रशेखरन ने कहा कि उनका मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त हो रहा है। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से उनके अगले पांच साल के विस्तार की सिफारिश की थी। इसे नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी और बोर्ड ने भी आगे बढ़ाने की सिफारिश की थी। लेकिन बोर्ड के एक सदस्य के समर्थन न करने के कारण प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका। छह महीने बीत जाने के बावजूद कोई फैसला नहीं हो पाया। उन्होंने जोर दिया कि टाटा संस जैसे बड़े संस्थान में कई रणनीतिक प्रोजेक्ट्स अहम मोड़ पर हैं। कर्मचारियों, निवेशकों और अन्य हितधारकों के लिए नेतृत्व को लेकर स्पष्टता जरूरी है।
रतन टाटा के निधन के बाद बढ़े मतभेद रतन टाटा के निधन के बाद ट्रस्ट के अंदर मतभेद खुलकर सामने आए थे। कई ट्रस्टी पद छोड़ चुके हैं। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने भी सलाह दी थी कि आपसी मतभेद का असर ग्रुप की कंपनियों पर न पड़े।
शेयर बाजार में असर इस्तीफे की खबर के बाद टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। टीसीएस, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टाटा कंज्यूमर के शेयर तीन प्रतिशत तक नीचे आ गए। निवेशक नेतृत्व परिवर्तन और ट्रस्ट में चल रहे मतभेदों से चिंतित हैं।
चंद्रशेखरन का नौ साल का सफर 2017 में टाटा संस की कमान संभालने वाले चंद्रशेखरन टाटा परिवार से बाहर के पहले मैनेजर थे। उनके कार्यकाल में ग्रुप का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2020 के ₹7.89 लाख करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में ₹16.24 लाख करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा करीब पांच गुना बढ़ा। एयर इंडिया अधिग्रहण, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और बैटरी जैसे नए क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया गया। अब टाटा समूह सेमीकंडक्टर फैब, ईवी बैटरी और एयर इंडिया से जुड़े बड़े फैसलों से गुजर रहा है। चंद्रशेखरन टीसीएस, टाटा मोटर्स और टाटा कंज्यूमर के भी चेयरमैन हैं। उनके इस्तीफे से पूरे ग्रुप में नेतृत्व परिवर्तन का दौर शुरू हो गया है। यह खबर उपलब्ध ताजा सूचनाओं पर आधारित है। आगे की औपचारिक प्रक्रिया और नए नेतृत्व पर टाटा संस का आधिकारिक बयान आने पर अपडेट किया जाएगा।

