Greater Noida Gas Connection Fraud: ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगों ने एक बार फिर बुजुर्गों को निशाना बनाया है। सेक्टर-पी4 स्थित सीनियर सिटीजन होम कॉम्प्लेक्स के एक निवासी बुजुर्ग के बैंक खाते से ठगों ने 9 लाख 77 हजार रुपये उड़ा लिए। ठगों ने खुद को आईजीएल (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) का अधिकारी बताकर गैस कनेक्शन काटने का डर दिखाया और वीडियो कॉल पर भुगतान की रसीद मंगाई। रसीद शेयर होते ही अगले दिन खाते से रकम निकाल ली गई।
घटना 12 जनवरी 2026 की है। दोपहर करीब एक बजे पीड़ित के मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को आईजीएल गैस कंपनी का अधिकारी बताया और कहा कि गैस बिल का भुगतान नहीं हुआ है, इसलिए कनेक्शन काट दिया जाएगा। जब बुजुर्ग ने बकाया होने से इनकार किया तो ठग ने उन्हें वीडियो कॉल पर जोड़ लिया। वीडियो कॉल के दौरान ठग ने भुगतान का प्रमाण मांगते हुए गैस बिल की रसीद शेयर करने को कहा। बुजुर्ग ने रसीद भेज दी। इसके तुरंत बाद ठग ने कॉल काट दी।
अगले दिन 13 जनवरी को शाम करीब 8 बजे से 8:40 बजे के बीच पीड़ित के मोबाइल पर खाते से रकम निकलने के मैसेज आने लगे। जब तक वे कुछ समझ पाते, साइबर ठग छह से ज्यादा ट्रांजेक्शन के जरिए 9.77 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर चुके थे। पीड़ित का कहना है कि इस दौरान किसी भी ट्रांजेक्शन के लिए उनसे अलग से अनुमति या ओटीपी नहीं मांगा गया।
खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने बैंक से संपर्क किया और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शनिवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगों ने रसीद शेयर करने के बाद किस तरीके से खाते तक पहुंच बनाई और रकम किन खातों में गई।
इस मामले में पीड़ित ने बताया कि खाता उनकी पत्नी का बचत खाता है। ग्रेटर नोएडा पुलिस साइबर सेल मामले की जांच कर रही है। इसी दौरान स्थानीय स्तर पर आईजीएल बिल के नाम पर होने वाली ठगी के अन्य मामले भी सामने आए हैं, जिनमें ठग एपीके फाइल भेजकर या फर्जी लिंक के जरिए खातों तक पहुंच बनाते हैं।
साइबर ठगी से बचाव के उपाय, गैस, बिजली या किसी भी यूटिलिटी कंपनी का कर्मचारी होने का दावा करने वाले अज्ञात नंबर से आने वाली कॉल पर तुरंत विश्वास न करें। बिल या रसीद वीडियो कॉल या व्हाट्सऐप पर शेयर न करें। कोई भी एपीके फाइल या अनजान लिंक न खोलें। आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही बिल चेक करें। संदेह होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें और बैंक को सूचित करें।
बुजुर्गों और सीनियर सिटीजन को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि ठग अक्सर डर और जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। पुलिस जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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