Ranchi JPSC-JSSC Protest: 16वें दिन भी आंदोलन जारी, CBI जांच और 14th Exam रद्द करने की मांग

Ranchi JPSC-JSSC Protest: रांची, झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जमा हजारों अभ्यर्थी टॉर्च और मशालें लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है—14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करना, सभी संदिग्ध परीक्षाओं की सीबीआई जांच और भर्ती व्यवस्था में पारदर्शी सुधार।

प्रदर्शन जुलाई के अंतिम सप्ताह में शुरू हुआ था। अभ्यर्थियों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से परीक्षाओं में पेपर लीक, ओएमआर शीट लीक और अन्य गड़बड़ियां हो रही हैं। कई अभ्यर्थी वर्षों से कोर्ट में लड़ रहे हैं। नौकरियां अटकी हुई हैं, परीक्षाएं बार-बार स्थगित या विवादित हो रही हैं। कुछ अभ्यर्थी तो एक दशक से अधिक समय से भर्ती प्रक्रिया के इंतजार में हैं।

भूख हड़ताल और मशाल प्रदर्शन

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में कई छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो समेत आधा दर्जन अभ्यर्थी पानी पर निर्भर हैं। छात्रों ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने टॉर्च और मशाल जुलूस निकाले। नारे लगे—‘सीबीआई जांच करो’, ‘14वीं जेपीएससी रद्द करो’ और ‘हेमंत सोरेन शर्म करो’।

सरकार से वार्ता बेनतीजा

शनिवार को सरकार की पांच सदस्यीय समिति (जिसमें तीन मंत्री शामिल) ने विभिन्न छात्र संगठनों और जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच/अभ्यर्थी न्याय मंच के प्रतिनिधियों से बातचीत की। बैठकें सकारात्मक माहौल में हुईं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि मांगें जायज हैं और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने रखी जाएंगी। सरकार ने सुझावों के लिए ईमेल आईडी भी जारी की। छात्र पक्ष ने कहा कि लिखित आश्वासन और मांगों की पूर्ति के बिना आंदोलन नहीं रुकेगा। 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान भी किया गया है।

राजनीतिक और सांस्कृतिक समर्थन

एबीवीपी की झारखंड इकाई ने शुक्रवार को छात्रों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से शुरू हुए मार्च को पुलिस ने सिदो-कान्हू पार्क के पास रोका। झड़प हुई, कई घायल हुए और 8-10 कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए। बॉलीवुड अभिनेता और गायक पीयूष मिश्रा मुंबई से रांची पहुंचे। उन्होंने छात्रों का दर्द देखा और ‘आरंभ है प्रचंड’ गाकर समर्थन दिया। उन्होंने हर संभव मदद का वादा किया। एआईएसए राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा जब समर्थन में पहुंचीं तो उन पर स्याही फेंकी गई। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इसकी निंदा की और कहा कि यह छात्रों के देशव्यापी संघर्ष पर हमला है। उन्होंने नेहा को नौजवानों की रोल मॉडल बताया।

पृष्ठभूमि और आरोप

अभ्यर्थियों का कहना है कि 2016 से लेकर हाल की परीक्षाओं तक कई भर्तियों में देरी, कोर्ट केस और लीक के आरोप लगे। जेएसएससी सीजीएल समेत कई परीक्षाओं में विवाद रहा। सीआईडी जांच चल रही है और कुछ गिरफ्तारियां हुई हैं, लेकिन छात्र सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच चाहते हैं। वे ओएमआर शीट, उत्तर कुंजी, श्रेणीवार कट-ऑफ जारी करने और सालाना भर्ती कैलेंडर की भी मांग कर रहे हैं। आंदोलन शांतिपूर्ण रहा है, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। विधानसभा घेराव को लेकर पुलिस सतर्क है। छात्रों का कहना है कि यह सिर्फ परीक्षा नहीं, बल्कि उनके भविष्य और पारदर्शिता की लड़ाई है। सरकार का रुख अभी भी इंतजार का है। रांची का यह आंदोलन अब राज्य की सबसे बड़ी युवा आवाजों में से एक बन गया है।

यह भी पढ़ें: Milk price hike in Maharashtra: महाराष्ट्र में 11 अगस्त से दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर बढ़े

यहां से शेयर करें