ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र देश-विदेश के निवेशकों के लिए तेजी से आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। इसी क्रम में 20 अगस्त को करीब 200 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल यमुना सिटी का दौरा करेगा। प्रतिनिधिमंडल यहां प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं का निरीक्षण करेगा, निवेश की संभावनाओं का आकलन करेगा और यीडा क्षेत्र में विकसित हो रहे आधुनिक बुनियादी ढांचे का जायजा लेगा। इस दौरे को यमुना सिटी में विदेशी निवेश बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सेक्टर-10 में एस्कॉर्ट कुबोटा लगाएगी 2029 करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाई
यीडा ने सेक्टर-10 में जापानी कंपनी एस्कॉर्ट कुबोटा को लगभग 154 एकड़ भूमि आवंटित की है। कंपनी यहां करीब 2029 करोड़ रुपये के निवेश से ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों से जुड़े कल-पुर्जों के निर्माण की अत्याधुनिक औद्योगिक इकाई स्थापित करेगी।
इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र में करीब 4500 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। यह निवेश न केवल औद्योगिक विकास को गति देगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
मुख्यमंत्री योगी कर सकते हैं शिलान्यास
सूत्रों के अनुसार, 20 अगस्त को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रस्तावित औद्योगिक इकाई का शिलान्यास कर सकते हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री का आधिकारिक कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है। यदि कार्यक्रम तय होता है तो यह यमुना सिटी के औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।
जापानी कंपनियों को निवेश के लिए किया जाएगा प्रेरित
यीडा अधिकारियों के अनुसार, जापानी प्रतिनिधिमंडल को जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं, औद्योगिक सेक्टरों और तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
प्राधिकरण का उद्देश्य प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से अन्य जापानी कंपनियों को भी यमुना सिटी में निवेश के लिए आकर्षित करना है। अधिकारियों का मानना है कि एयरपोर्ट के संचालन के बाद यह क्षेत्र उत्तर भारत का प्रमुख औद्योगिक और निर्यात केंद्र बनकर उभरेगा।
सेक्टर-8डी में 3805 करोड़ का सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट
यीडा ने सेक्टर-8डी में सीईएसई ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड को 100 एकड़ भूमि आवंटित की है। कंपनी यहां सौर ऊर्जा उपकरणों के निर्माण की अत्याधुनिक इकाई स्थापित करेगी।
इस परियोजना में करीब 3805 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इसके माध्यम से लगभग 5000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को ग्रीन एनर्जी और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
11 अगस्त को इंडिया एक्सपो मार्ट में होगा बायोफ्यूल सम्मेलन
यीडा अधिकारियों के मुताबिक 11 अगस्त को इंडिया एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में बायोफ्यूल क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।
इसी दौरान मुख्यमंत्री द्वारा यमुना सिटी के सेक्टर-8डी में सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण इकाई की आधारशिला रखे जाने की भी संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस संबंध में अंतिम कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
जेवर एयरपोर्ट बनेगा निवेश का सबसे बड़ा आधार
यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आर.के. सिंह ने बताया कि 20 अगस्त को आने वाला जापानी प्रतिनिधिमंडल यमुना सिटी में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों, जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और निवेश के अनुकूल वातावरण का निरीक्षण करेगा।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का प्रयास है कि जापानी निवेशकों को यहां उपलब्ध विश्वस्तरीय सुविधाओं और भविष्य की विकास योजनाओं से अवगत कराया जाए, जिससे अधिक से अधिक विदेशी कंपनियां यमुना सिटी में निवेश के लिए आगे आएं।
विदेशी निवेश से बदलेगी यमुना सिटी की तस्वीर
यमुना सिटी में लगातार बढ़ रहा विदेशी निवेश इस क्षेत्र को उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और आधुनिक औद्योगिक ढांचे के कारण देश-विदेश की बड़ी कंपनियां यहां निवेश में रुचि दिखा रही हैं। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं से हजारों युवाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

