अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाने के बाद देशभर से बड़ी संख्या में आवेदन पहुंच रहे हैं। ट्रस्ट ने इस पद के लिए 18 जुलाई तक आवेदन मांगे हैं। हाल के दिनों में मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवाद और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच ट्रस्ट ने प्रशासनिक ढांचे को अधिक पेशेवर और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से CEO नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इस पद के लिए कम से कम 20 वर्ष का प्रशासनिक अनुभव, हिंदू धर्म में आस्था, भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा तथा बड़े संस्थान के संचालन का अनुभव जैसी योग्यताएं निर्धारित की गई हैं।
इसी क्रम में ग्रेटर नोएडा के प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं ईशान एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (Ishan Group) के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. डी.के. गर्ग ने भी राम मंदिर के CEO पद के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है। उन्होंने मंदिर प्रशासन को आधुनिक प्रबंधन, पारदर्शिता और बेहतर संचालन का मॉडल देने की इच्छा व्यक्त करते हुए आवेदन किया है।
डॉ. डी.के. गर्ग शिक्षा क्षेत्र का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने वर्ष 1994 में ग्रेटर नोएडा में Ishan Educational Institutions की स्थापना की, जिसे क्षेत्र के शुरुआती निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में गिना जाता है। उनके नेतृत्व में संस्थान ने प्रबंधन, कानून, फार्मेसी, आयुर्वेद, शिक्षा और कॉमर्स सहित कई क्षेत्रों में विस्तार किया है। संस्थान का दावा है कि उसके पूर्व छात्र भारत सहित 50 से अधिक देशों में कार्यरत हैं।
डॉ. गर्ग की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी व्यापक मानी जाती है। संस्थान की आधिकारिक जानकारी के अनुसार उनके पास एम.कॉम., एमबीए, एफसीए, एलएलबी, एलएलएम, पीएचडी, एमआईपीएल, एलएलडी और डी.लिट. जैसी कई उच्च शैक्षणिक उपाधियां हैं। वे शोध एवं अकादमिक लेखन में भी सक्रिय रहे हैं। संस्थान के अनुसार उन्होंने विभिन्न विषयों पर 35 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं तथा हजारों शोध-पत्रों और अकादमिक लेखों से जुड़े रहे हैं। डॉ. डी.के. गर्ग समय-समय पर सामाजिक और सार्वजनिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखते रहे हैं। वर्ष 2016 में वे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी शिकायतों को लेकर भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे।
राम मंदिर ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि चयनित CEO को अयोध्या में रहकर मंदिर के दैनिक प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, मानव संसाधन, सुरक्षा, जनसंपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालनी होगी। नियुक्ति प्रारंभिक रूप से तीन वर्ष के लिए होगी और प्रदर्शन के आधार पर इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। ट्रस्ट के अनुसार मंदिर प्रबंधन का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। डॉ. डी.के. गर्ग के आवेदन से यह स्पष्ट है कि राम मंदिर के CEO पद को लेकर केवल पूर्व नौकरशाह ही नहीं, बल्कि शिक्षा, प्रबंधन और संस्थागत नेतृत्व से जुड़े अनुभवी लोग भी रुचि दिखा रहे हैं। अब अंतिम निर्णय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की चयन समिति द्वारा सभी आवेदनों की समीक्षा और साक्षात्कार प्रक्रिया के बाद लिया जाएगा।

