मुजफ्फरनगर धर्मांतरण कांड: फुलत मदरसा धर्मांतरण विवाद में एक और गिरफ्तारी, मौलाना का बेटा जुनैद अंसारी तमंचे के साथ धरा गया, पिता व दूसरा बेटा अब भी फरार

मुजफ्फरनगर धर्मांतरण कांड: मुजफ्फरनगर। जनपद के रतनपुरी थाना क्षेत्र स्थित गांव फुलत के मदरसा दारुल उलूम रहीमिया से जुड़े बहुचर्चित धर्मांतरण प्रकरण में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मदरसा संचालक मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी के पुत्र जुनैद अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद होने की पुलिस ने पुष्टि की है।

कैसे हुई गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, रतनपुरी थाना पुलिस बुधवार को फुलत गांव के आसपास नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान फुलत-सठेड़ी मार्ग पर एक युवक संदिग्ध हालत में आता दिखा। पुलिस को देखकर वह भागने का प्रयास करने लगा, जिसे पीछा कर पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान जुनैद अंसारी पुत्र मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी, निवासी फुलत के रूप में बताई। तलाशी के दौरान उसके पास से अवैध तमंचा बरामद होने का दावा पुलिस ने किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ मेरठ के ब्रह्मपुरी व सिविल लाइन थानों के अलावा रतनपुरी थाने में भी पहले से करीब आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी और उसका दूसरा बेटा जुबैर अंसारी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस की कई टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

शुरुआत कैसे हुई मामले की

यह पूरा प्रकरण गांव फुलत निवासी मोहम्मद यूनुस की शिकायत से जुड़ा है। यूनुस ने रतनपुरी थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि मदरसा दारुल उलूम रहीमिया के संचालक मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी और उनके बेटे जुबैर अंसारी कब्रिस्तान/ग्राम सभा की सरकारी भूमि पर कब्जा कर मदरसा चला रहे हैं, साथ ही प्रलोभन व धमकी देकर हिंदू युवकों का जबरन धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान मौलाना के दूसरे बेटे जुनैद अंसारी का नाम भी सामने आया और पुलिस ने उसकी तलाश भी शुरू कर दी थी।

स्वामी यशवीर महाराज के आरोपों से बढ़ी सुर्खियां

मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ा जब बघरा स्थित योग साधना आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने प्रेस वार्ता कर दो युवतियों समेत पांच लोगों के नाम व फोटो सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि फुलत मदरसे में पिछले करीब एक दशक से गरीब व सीधे-साधे हिंदू लोगों को रोजगार व पैसों का प्रलोभन देकर ब्रेनवॉश किया जा रहा है और उनका अवैध धर्मांतरण कराया जा रहा है। स्वामी यशवीर ने यह भी आरोप लगाया कि मदरसे का एक बड़ा हिस्सा सरकारी (ग्राम सभा) भूमि पर अवैध कब्जे से बना है, जिसे लेकर प्रशासन पहले ही बेदखली के आदेश जारी कर चुका है। हालांकि मदरसा संचालक के परिजनों की ओर से इन आरोपों को निराधार बताया गया है और कहा गया है कि मदरसा 1946 से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा है। इसके बाद मौलाना की तलाकशुदा पुत्रवधू भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंची और उसने मदरसे से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। महिला ने आरोप लगाया कि मदरसे में नशीली और सेक्सवर्धक दवाएं खिलाकर महिलाओं का यौन शोषण किया जाता था तथा आपत्तिजनक वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जाता था। पुलिस के मुताबिक इसी तरह की एक शिकायत लेकर एक अन्य पीड़ित युवती भी मीडिया व प्रशासन के समक्ष आ चुकी है। स्पष्ट करना ज़रूरी है कि धर्मांतरण नेटवर्क, यौन शोषण और भूमि पर कब्जे संबंधी ये सभी आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और किसी भी अदालत में सिद्ध नहीं हुए हैं। अब तक पुष्ट तथ्य केवल इतना है कि जुनैद अंसारी को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया है और मुख्य आरोपियों पर मुकदमा दर्ज है।

पुलिस का रुख

एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देश पर एसपी देहात के नेतृत्व में विशेष पुलिस और सर्विलांस टीमें गठित की गई हैं, जो फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच बेहद बारीकी से की जा रही है और मदरसे में आने-जाने वाले लोगों का भी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई है। यह लेख उपलब्ध पुलिस बयानों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। मामले में लगे आरोप अभी जांचाधीन हैं; अंतिम सच्चाई अदालती प्रक्रिया और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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