नोएडा सीवर कर्मचारी मौत: नोएडा (उत्तर प्रदेश), नोएडा में सीवर सफाई कार्य के दौरान एक कर्मचारी की मौत की घटना ने एक बार फिर सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार 15 जुलाई को सेक्टर-93B के निकट गेजा गांव के टी-पॉइंट पर वाटर डिवीजन-III के अंतर्गत गहरी सीवर लाइन की सफाई के दौरान शिव नामक कर्मचारी की मौत हो गई। नोएडा अथॉरिटी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दे दिया है।
घटना की जानकारी देते हुए नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों ने बताया कि शिव को मैनहोल के अंदर ब्लॉकेज साफ करने के लिए भेजा गया था। वह सेफ्टी बेल्ट, ऑक्सीजन मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरण पहने हुए था। कुछ देर बाद जब फील्ड स्टाफ ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की तो वह मैनहोल के अंदर तारों में फंस गया। तुरंत पुलिस और फायर सर्विस की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. संचित शर्मा ने बताया, “शिवा, सेक्टर 44 निवासी, को गेजा, सेक्टर 93 से शाम 8:55 बजे लाया गया। हमें बताया गया कि वह सीवर लाइन में डूब गया था। जांच के बाद उसे मृत घोषित किया गया।”
परिवार का गंभीर आरोप:
शिवा के भाई और परिजनों ने घटना में नोएडा अथॉरिटी और ठेकेदार की लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि सफाई कार्य के लिए कोई उचित मशीनरी उपलब्ध नहीं कराई गई और मदद पहुंचने में करीब 4 घंटे लग गए। परिवार का कहना है कि बिना पर्याप्त सहायता के कर्मचारी को मैनहोल में उतारा गया, जिससे यह हादसा हुआ।
अथॉरिटी की कार्रवाई:
नोएडा अथॉरिटी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए ठेकेदार कंपनी शिवजी कंस्ट्रक्शंस के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही संबंधित कॉन्ट्रैक्ट जूनियर इंजीनियर राकेश कुमार की सेवाएं समाप्त करने, मैनेजर के खिलाफ एंट्री दर्ज करने और सीनियर मैनेजर को शो-कॉज नोटिस जारी करने का फैसला लिया गया है। अथॉरिटी ने मृतक के परिवार को नियमों के अनुसार हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। यह घटना सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बार-बार उठने वाले मुद्दों को दोहराती है। देशभर में सीवर और मैनहोल सफाई के दौरान जहरीली गैसों से कई मौतें होती रही हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने में अक्सर लापरवाही बरती जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मैनुअल सफाई पर पूर्ण प्रतिबंध और मशीनीकृत उपकरणों के इस्तेमाल के साथ-साथ ठेकेदारों पर सख्त निगरानी जरूरी है।पिछले कुछ महीनों में लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में भी इसी तरह की घटना में लालाराम नामक 28 वर्षीय कर्मचारी की मौत हो चुकी है, जहां जहरीली गैसों के कारण हादसा हुआ था।
सरकारी दायित्व और मांग:
सामाजिक कार्यकर्ता और मजदूर यूनियनें ऐसी घटनाओं पर ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, मृतक परिवारों को उचित मुआवजा और रोजगार देने की मांग कर रही हैं। नोएडा अथॉरिटी की इस मामले में तेज कार्रवाई को सकारात्मक कदम माना जा रहा है, लेकिन लंबे समय में व्यवस्थागत बदलाव की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।

