गाजियाबाद गैंगरेप-हत्याकांड: गाजियाबाद। राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र स्थित राजनगर एक्सटेंशन में एक निर्माणाधीन मॉल में 7 वर्षीय बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और हत्या के मामले में पुलिस जांच में लगातार नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस के मुताबिक इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी पीड़ित परिवार के परिचित ही थे।
कैसे हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार कार्यवाहक एसीपी नंदग्राम प्रिया श्रीपाल ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी शहाबुद्दीन समेत दो आरोपियों, जिनमें एक बालिग और एक नाबालिग है, को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन आरोपी शराब पी रहे थे और नशे की हालत में उन्होंने बच्ची को उठाकर पास के निर्माणाधीन मॉल के सुनसान बेसमेंट में ले जाकर वारदात को अंजाम दिया, बाद में पहचान उजागर होने के डर से उसकी हत्या कर दी। मुख्य आरोपी की पहचान बिहार के अररिया निवासी शहाबुद्दीन के रूप में हुई है, जबकि दूसरा आरोपी नाबालिग बताया जा रहा है। एक तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।
लापता होने से शव मिलने तक
पुलिस और स्थानीय लोगों के मुताबिक शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, तभी दो अजनबी युवक उसे चिप्स और कोल्ड ड्रिंक का लालच देकर अपने साथ ले गए। परिजनों ने कई घंटों तक आसपास के इलाके और झुग्गियों में बच्ची को ढूंढा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। देर रात परिजन और स्थानीय लोग एक अंधेरे निर्माणाधीन मॉल के पास पहुंचे, जहां तैनात गार्ड ने अंदर से रोने की आवाज सुनने की बात बताई। तलाश के दौरान एक आवारा कुत्ता लोगों के साथ चलते हुए सीधे मॉल के बेसमेंट की ओर गया और वहीं रुक गया। लोग जब उसके पीछे बेसमेंट में पहुंचे तो बच्ची का लहूलुहान शव वहां पड़ा मिला। इसके बाद रात करीब एक बजे पुलिस को सूचना दी गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दरिंदगी की पुष्टि
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बच्ची को ऊंचाई से नीचे फेंका, जिससे उसके सिर और शरीर की कई हड्डियां टूट गईं। घटनास्थल से फॉरेंसिक टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं, वहीं पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया लोहे का पाइप, बच्ची के कपड़े और चप्पल भी बरामद कर लिए हैं।
पुलिस कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
परिजनों की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके। फरार तीसरे आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें जगह-जगह दबिश दे रही हैं।
परिवार का दर्द
पीड़ित परिवार मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है और गाजियाबाद में मजदूरी कर अपना जीवन-यापन करता है। बेटी की मौत से टूट चुके परिजनों ने प्रशासन से आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद जांच पर नजर बनाए हुए हैं।

