युवाओं ने सूरजपुर वेटलैंड में चलाया “जीरो वेस्ट अभियान”; वृक्षारोपण और स्वच्छता का संदेश

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज सूरजपुर वेटलैंड में आयोजित किए गए “जीरो वेस्ट अभियान” में बड़ी संख्या में युवाओं, स्वयंसेवकों, स्थानीय नागरिकों और सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। कार्यक्रम का आयोजन वाईएसएस फाउंडेशन ने किया, जिसका उद्देश्य सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग घटाना, पुन: उपयोग और रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देना तथा स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करना बताया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री बृजेश सिंह (प्रभारी मंत्री, गौतमबुद्धनगर एवं लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश) ने युवाओं के इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण असंभव है। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर सफाई, वृक्षारोपण और प्लास्टिक मुक्त पहल को स्थायी बनाने के लिए प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाया। जिलाधिकारी श्रीमती मेधा रूपम (आईएएस, जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर) ने कहा कि जिलाधिकारी कार्यालय पर्यावरण हितैषी कार्यक्रमों के साथ युवा आंदोलनों का समर्थन करेगा और वेस्ट मैनेजमेंट तथा हरित पहलों के लिए नीतिगत पहल को तेज करेगा। उन्होंने विद्यालयों और मोहल्लों में पर्यावरण जागरूकता अभियान तेज करने का आह्वान भी किया।

भाजपा जिलाध्यक्ष श्री अभिषेक शर्मा और वन विभाग अधिकारी श्री राजीव मित्तल ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्थानीय जैव विविधता और Wetland के संरक्षण पर जोर दिया। श्री मित्तल ने कहा कि वेटलैंड जैविक रूप से संवेदनशील क्षेत्र हैं और इन्हें संरक्षित करना सामुदायिक जिम्मेदारी है। उन्होंने वन विभाग की ओर से भविष्य में पौधारोपण तथा निगरानी के सहयोग का आश्वासन दिया। वाईएसएस फाउंडेशन के समन्वयक दुर्गा प्रसाद दुबे ने “नया पेड़ लगाएं, पुराने पेड़ों का संरक्षण करें” का संदेश देते हुए नागरिकों से सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के बहिष्कार और स्टील तथा कांच के बर्तनों को अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जगह-जगह पर्यावरणीय शिक्षा स्टॉल, कूड़ेदान और रिसाइक्लिंग बूथ लगाए गए, जहाँ स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं ने कचरा अलग करने, पुन: उपयोग योग्य सामग्री की पहचान और कम-प्लास्टिक जीवनशैली के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम में शामिल सलीम बहरीन ने कहा कि “पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है” और स्थानीय समुदायों को योजनाबद्ध तरीके से जोड़ने पर ज़ोर दिया। युवाओं ने “री-यूज़, रिड्यूस और रीसायकल” के सिद्धांत अपनाने तथा जीरो वेस्ट अभियान को एक जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया। आयोजन में वृक्षारोपण भी किया गया जिसमें स्थानीय नागरिकों और स्कूली बच्चों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई। आयोजकों ने बताया कि आज लगाए गए पौधे नियमित निगरानी के जरिए सुरक्षित रखे जाएँगे। स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि ऐसी पहलों से न केवल आस-पास के क्षेत्र स्वच्छ होंगे बल्कि वेटलैंड के जैविक तंत्र और आवासीय क्षेत्रों पर सकारात्मक असर पड़ेगा। कुछ नागरिकों ने अनुरोध किया कि प्रशासन नियमित कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक प्रतिबंधों के कड़ाई से पालन तथा सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रमों को निरंतर बनाए रखे।

कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने भविष्य की रूपरेखा भी साझा की — वेटलैंड निगरानी टीम बनाना, नियमित साफ-सफाई ड्राइव, विद्यालयों में शैक्षिक कार्यशालाएँ और स्थानीय दुकानों के साथ मिलकर प्लास्टिक विकल्पों का प्रचार-प्रसार। वाईएसएस फाउंडेशन ने निवेदन किया कि स्थानीय निकाय और नागरिक मिलकर इन पहलों को सतत रूप दें, ताकि “नया पेड़ लगाएं, पुराने पेड़ों को बचाएं — जीरो वेस्ट अपनाएं, पर्यावरण बचाएं” का संदेश व्यवहारिक रूप ले सके। अन्य जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के अंत में एक छोटी प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुति भी रखी गई जिसमें पर्यावरण पर आधारित नाटिका और गीत प्रस्तुत किए गए। आयोजकों ने आने वाले महीनों में और बड़े स्तर पर जीरो वेस्ट कैम्पेन चलाने की योजना बताई है और नागरिकों से सहभागिता की अपील की है।

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