जिम की आड़ में सेक्स का धंधा, बरेली में नशीली ड्रिंक, रेप और वीडियो ब्लैकमेल का रैकेट पकड़ा

बरेली में जिम की आड़ में चल रहा गंदा रैकेट पुलिस की जांच की जद में आ गया है, जिसमें महिलाओं को नशीली ड्रिंक देकर बलात्कार किया गया और फिर उनके अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया जा रहा था। यह घटनाक्रम ने शहर के साथ‑साथ राज्य स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं उठवाई हैं।

महिलाओं की आबरू से खेल—नशीली ड्रिंक और वीडियो ब्लैकमेल

पुलिस के अनुसार, बरेली के कोतवाली क्षेत्र के एक जिम में महिलाओं को “वजन तेजी से कम करवाने” के नाम पर विशेष प्री‑वर्कआउट ड्रिंक दी जाती थी। इसमें धीरे‑धीरे नशीले पदार्थ मिलाकर उनकी हालत लाचार बनाई जाती थी, फिर जिम के प्राइवेट रूम में ले जाकर उनके साथ दुष्कर्म किया जाता था। घटना का सीसीटीवी वीडियो बनाकर आरोपी उसे बाद में ब्लैकमेल के हथियार के रूप में इस्तेमाल करते थे।

मुख्य पीड़िता, जो एक महिला डॉक्टर बताई जा रही हैं, ने शिकायत में बताया कि ड्रिंक में नशे के पदार्थ देखकर वह जिम जाना बंद कर दिया। इसके बाद जिम संचालक अकरम बेग और उसके भाई आलम बेग ने व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए उन्हें 10 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक की वसूली की डिमांड रखी और राशि न देने पर वीडियो वायरल करने तक की धमकी दी। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने एक पेन ड्राइव भी बरामद की है, जिसमें कई महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक फुटेज मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और अन्य महिलाओं की पहचान पता करके उनसे भी बयान लिए जा रहे हैं।

राजनीतिक हलचल और सरकारी प्रतिक्रिया

यह मामला तब और विस्तृत हो गया जब सामने आया कि आरोपी जिम एक कैबिनेट मंत्री के भाई के आवास परिसर में चल रहा था। इस जानकारी के बाद स्थानीय संगठनों और विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे “सरकारी घर की छतरी के नीचे चलते अपराध” का उदाहरण बताते हुए सख्त जांच और जिमों पर नियंत्रण की मांग उठाई। कुछ राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “सख्त लॉ एंड ऑर्डर” की बातें करने वाले राज्य में भी महिलाओं के खिलाफ इस तरह के गैंगस्टर‑स्टाइल रैकेट चल रहे हैं। वहीं, प्रशासन ने जांच से जुड़े अधिकारियों को तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं और जिम व फिटनेस सेंटरों के लाइसेंसिंग व निगरानी पर नीतिगत समीक्षा करने की बात कही है।

आम जनता में डर, विरोध और महिला सुरक्षा की मांग

घटना के बाद बरेली के कई नागरिक संगठनों व नागरिक अधिकार समूहों ने महिलोन्यस्त सड़क पर विरोध जताया। जिम और फिटनेस सेंटरों के बाहर प्रदर्शन हुए, जहां लोगों ने ड्रेस कोड‑संबंधी आरोपों पर भी आवाज उठाई, लेकिन आधार बात यह रही कि सुरक्षों के बजाय बलात्कारियों पर कठोर दंड हो। पीड़िता के वकील और स्थानीय महिला संगठनों का कहना है कि नारकोटिक्स ब्लैकमेल व डिजिटल एक्सटॉर्शन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और इन्हें केवल “परिवारिक शर्म” की आड़ में दबाकर नहीं रखा जा सकता। वे चाहते हैं कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (रेप), 366 (अपहरण व बलपूर्वक ले जाना), आईटी एक्ट और बलात्कार‐ब्लैकमेल जैसी सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।

अब तक क्या‑क्या हुआ

जिम संचालक अकरम बेग और उसके भाई आलम बेग को बरेली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश कर कस्टडी और आगे की जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं। जिम परिसर से एक पेन ड्राइव और अन्य डिजिटल सामग्री बरामद की गई है, जिसकी फोरेंसिक जांच शुरू हो चुकी है। जांच अधिकारी मामले में और महिलाओं के बयान लेकर विस्तृत चार्जशीट तैयार करने की तैयारी कर रहे हैं। इस बीच बरेली समेत कई शहरों में महिलाओं की मित्र‑संस्थाओं ने जिम, फिटनेस सेंटर और एफिलिएटेड ड्रेसिंग रूम की निगरानी को लेकर नियम―सुधार व खुलेआम कैमरा नीति की मांग उठाई है, ताकि “ताकतवर आरोपी” आसानी से अपनी आबरू का खेल न जारी रख पाएं।

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