भाजपा की असम में हैट्रिक, केरल में 10 साल बाद कांग्रेस की वापसी, पुडुचेरी में NDA का दबदबा बरकरार

चुनावी नतीजों ने देश की राजनीति को दी नई दिशा, पांच राज्यों के परिणामों ने सबको चौंका दिया है। देश के पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे 4 मई को आ गए। असम और पश्चिम बंगाल में भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल किया, केरल में दो दशक बाद कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है, और तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी TVK ने सभी को चौंका दिया। इन नतीजों ने देश की राजनीतिक तस्वीर को एक नई दिशा दे दी है।

असम: हिमंत की हैट्रिक, गौरव गोगोई की करारी हार

असम चुनाव 2026 में 126 सीटों की तस्वीर साफ हो गई। भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन (BJP+) ने 98 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को महज 24 सीटें मिलीं और अन्य दलों व निर्दलीयों के खाते में 4 सीटें गईं। भाजपा गठबंधन ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 126 में से 101 सीटों पर बढ़त बनाई। इन रुझानों ने राज्य में एक बार फिर हिमंता बिस्वा सरमा की सत्ता में वापसी पर मुहर लगा दी। भाजपा की इस आंधी में गौरव गोगोई भी उड़ गए — जोरहाट विधानसभा सीट पर कुल 14 दौर की मतगणना के बाद वे 23,000 से ज्यादा वोटों से हार गए। असम की जालुकबारी विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शानदार जीत दर्ज की।  सीएम हिमंत बिस्वा सरमा वर्ष 2001 से लगातार इस सीट पर जीत हासिल कर रहे हैं।

जनता की प्रतिक्रिया: गुवाहाटी की रहने वाली गृहिणी रिंकी बोरा ने कहा, “हिमंत सरकार ने पिछले पांच साल में बाढ़ राहत और सड़क निर्माण में अच्छा काम किया। इसीलिए लोगों ने फिर से भरोसा जताया।” वहीं युवा छात्र अंकुर दास ने कहा, “विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं था, इसलिए कांग्रेस इतनी बुरी तरह हारी।”परिणामों पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि असम और बंगाल ऐसे मामले हैं जहाँ BJP ने EC के सपोर्ट से चुनाव चुराए हैं।  हालांकि भाजपा नेताओं ने इस आरोप को सिरे से नकार दिया।

केरल: लाल किला ढहा, 10 साल बाद कांग्रेस का ‘उदय’

केरल के नतीजे सबसे बड़ा राजनीतिक भूकंप साबित हुए। केरल में सभी 140 सीटों के नतीजे आ गए। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल ने उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण तक काम-काज संभालने को कहा। कांग्रेस 63 सीटें जीतकर राज्य की नंबर एक पार्टी बन गई और उसने LDF की हैट्रिक का सपना तोड़ दिया। केरल में 10 सालों बाद LDF सरकार का अंत हुआ और कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF को 98 सीटों पर जीत मिली, NDA को 3 सीटें और पिनराई विजयन के LDF को महज 35 सीटें मिलीं। CPI(M) को 26 सीटें और CPI को 8 सीटें मिलीं। LDF सरकार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रही थी, लेकिन जनता ने इस बार अलग फैसला दिया। UDF लंबे समय बाद मजबूत वापसी करने में सफल रहा। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि यह केरल के मतदाताओं का फैसला है, जो बदलाव चाहते हैं। कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने कहा कि राज्य में सरकार और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ लहर थी, जिसका असर साफ दिखाई दे रहा है।

जनता की प्रतिक्रिया: तिरुवनंतपुरम के व्यापारी राजेश नायर ने कहा, “दस साल में जनता बदलाव चाहती थी। सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप और महंगाई ने LDF को नुकसान पहुंचाया।”कोझीकोड की शिक्षिका फातिमा बीबी बोलीं, “UDF की जीत ने यह साबित किया कि केरल की जनता किसी को भी अहंकार में नहीं रहने देती।”

पुडुचेरी: रंगासामी का राज बरकरार, NDA ने मारी बाज़ी

पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में NDA गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। AINRC सबसे बड़ा दल बनकर उभरा, जिसने 12 सीटों पर जीत हासिल की। BJP ने 4 विधानसभा सीटें जीतीं और AIADMK ने 1 सीट पर कामयाबी पाई। इस प्रकार NDA गठबंधन का कुल आंकड़ा 17 विधानसभा सीटों तक पहुंच गया, जो बहुमत के लिए पर्याप्त है। मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने मंगलम सीट से 7,050 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। उनकी अगुवाई वाली AINRC चौथी बार सत्ता संभालने के लिए तैयार है। पुडुचेरी विधानसभा चुनाव में इस बार करीब 90 प्रतिशत मतदान हुआ, जो 2011, 2016 और 2021 के पिछले आंकड़ों से अधिक है।

जनता की प्रतिक्रिया: पुडुचेरी के मछुआरे वेलायुधन ने कहा, “रंगासामी साहब ने मछुआरों के लिए बड़े काम किए, इसीलिए हमने फिर उन्हें वोट दिया।” स्थानीय युवा कार्यकर्ता अरुण कुमार ने कहा, “NDA ने विकास की राजनीति की, DMK-कांग्रेस गठबंधन का नारा लोगों को नहीं भाया।”

तीन राज्यों का चुनावी सार — एक नज़र में

|राज्य  |कुल सीटें|विजेता गठबंधन      |सीटें |हारा दल      |सीटें |

|—-|—–|—————|–-|———–|—|

|असम |126  |NDA (BJP+)     |~98|कांग्रेस गठबंधन  |24 |

|केरल |140  |UDF (कांग्रेस+)     |~98|LDF (CPI-M)|~35|

|पुडुचेरी|30   |NDA (AINRC+BJP)|17 |DMK-कांग्रेस    |~8 |

राष्ट्रीय नेताओं की प्रतिक्रियाएं

भाजपा के असम चुनाव सह प्रभारी सुनील शर्मा ने कहा कि 5 राज्यों में भाजपा के प्रति और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जनता का समर्थन देखने को मिला है, जिससे स्पष्ट है कि भाजपा प्रचंड बहुमत से असम और पुडुचेरी में सरकार बनाएगी। मतदान की बात करें तो पुडुचेरी में 86.92%, असम में 84.42% और केरल में 75.01% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। यह आंकड़े बताते हैं कि जनता का लोकतंत्र में विश्वास मजबूत बना हुआ है।

विश्लेषण: इन नतीजों का सबसे बड़ा संदेश यह है कि भारत की जनता सत्ताधारियों के प्रदर्शन को सीधे तौर पर आंकती है — असम में विकास कार्यों ने भाजपा को तीसरी बार सत्ता दिलाई, केरल में एंटी इनकंबेंसी ने वामपंथ का 10 साल का किला ढहा दिया, और पुडुचेरी में स्थानीय नेता रंगासामी की लोकप्रियता ने NDA को फिर से जिताया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये नतीजे 2029 के लोकसभा चुनाव की दिशा भी तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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