Gen Z Movement Nepal: गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने दिया इस्तीफा, Gen Z आंदोलन ने ही अपने नेता को घेरा

Gen Z Movement Nepal: नेपाल की बालेन शाह सरकार को सत्ता में आए अभी महीना भी नहीं हुआ था कि एक बड़े संकट ने घेर लिया। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के नेतृत्व वाली सरकार बनने के एक महीने के भीतर ही गृह मंत्री सुदन गुरुंग एक विवादास्पद व्यापारी दीपक भट्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में घिर गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

रविवार शाम मीडिया रिपोर्टों में खुलासा हुआ कि गुरुंग के नाम पर Star Micro Insurance Company और Liberty Micro Life Insurance में शेयर हैं — ये दोनों कंपनियाँ विवादित कारोबारी दीपक भट्ट और शंकर ग्रुप से जुड़ी हैं। एक तस्वीर भी सामने आई जिसमें भट्ट को 2021 में गुरुंग की संस्था ‘हामी नेपाल’ द्वारा दानकर्ता के रूप में सम्मानित किया गया था। दीपक भट्ट को 1 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया और नेपाल पुलिस की केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा हिरासत में लेने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग जांच विभाग उनकी जांच कर रहा है। ये शेयर, जो Gen Z आंदोलन के बाद खरीदे गए बताए जा रहे हैं, 12 अप्रैल को जमा किए गए गुरुंग के सार्वजनिक संपत्ति विवरण में दर्ज नहीं थे।

गुरुंग का पक्ष

गुरुंग ने सोमवार को सोशल मीडिया के जरिए सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपने संपत्ति विवरण में शेयर बाजार में 20 मिलियन रुपये से अधिक के निवेश का उल्लेख किया है, और Star Micro Insurance तथा Liberty Micro के निवेश भी उसी समूह में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जब उनकी कुल घोषित संपत्ति 20 मिलियन से अधिक है तो वे 2.5 मिलियन के शेयर क्यों छुपाएंगे — यह सिर्फ वर्गीकरण का मामला है।

Gen Z आंदोलन का U-टर्न — जिन्होंने बनाया, अब वही हटाने की मांग कर रहे

सबसे बड़ा राजनीतिक विरोधाभास यह है कि गुरुंग खुद Gen Z आंदोलन के एक प्रमुख नेता रहे हैं। 2025 के जेन-Z आंदोलन के दौरान और उसके बाद वे इस आंदोलन के प्रमुख नेताओं में उभरे। लेकिन अब वही आंदोलन उनके खिलाफ खड़ा हो गया है। Gen Z Movement Nepal ने सरकार से गृह मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए उनका इस्तीफा जरूरी है। आंदोलन के प्रवक्ता बिजय शाह ने पीएम बालेन शाह से परिपक्वता, दूरदर्शिता और जवाबदेही दिखाने की अपील की। नेपाल स्टूडेंट यूनियन (NSU) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान सिंह दरबार परिसर के अंदर ही प्रदर्शन किया और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

विपक्ष और अन्य दलों की माँग

मुख्य विपक्षी नेपाली कांग्रेस ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतंत्र के मूल स्तंभ हैं, इसलिए इन आरोपों की विश्वसनीय, निष्पक्ष और तथ्य-आधारित जांच अपरिहार्य है। CPN-UML ने भी गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए एक उच्च-स्तरीय जांच तंत्र गठित करने की अपील की। पारदर्शिता इंटरनेशनल नेपाल के पूर्व अध्यक्ष खेमराज रेग्मी ने कहा कि चूंकि यह सरकार Gen Z आंदोलन की वादों पर सत्ता में आई है, इसलिए गुरुंग का स्वेच्छा से पद छोड़ना उचित होगा।

RSP के भीतर भी असंतोष

सत्तारूढ़ RSP के अंदर भी नेता निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पार्टी के एक सांसद ने कहा कि श्रम मंत्री को सफाई का मौका दिए बिना ही बर्खास्त किया गया था, जबकि गृह मंत्री के खिलाफ आरोप उससे भी गंभीर हैं।

पहले से ही विवादों में रहे गुरुंग

पदभार संभालने के तुरंत बाद गुरुंग ने पुलिस प्रमुख को पूर्व प्रधानमंत्री KP शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। दोनों को बाद में 15 दिनों के भीतर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रिहा कर दिया गया।

संक्षेप में: बालेन शाह सरकार, जो Gen Z आंदोलन की उपज है और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन के वादे पर सत्ता में आई, अपने ही एक प्रमुख मंत्री को लेकर गहरे संकट में है। RSP महासचिव भूपदेव शाह ने कहा कि पार्टी आरोपों का अध्ययन कर रही है, लेकिन अभी तक गुरुंग से कोई स्पष्टीकरण नहीं माँगा गया है। इस्तीफे की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन दबाव लगातार बढ़ रहा है।​​​​​​​​​​​​​​​​

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