ट्रंप ने कहा- ‘सोर्स बताओ वरना जेल जाओ’: ईरान में लापता एयरमैन लीक पर पत्रकार को चेतावनी, ‘सिक’ मोल की तलाश

ट्रंप ने कहा- ‘सोर्स बताओ वरना जेल जाओ’: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार और मीडिया संस्थान को सीधा खतरा देते हुए कहा कि ईरान में लापता अमेरिकी एयरमैन की खबर लीक करने वाले स्रोत (मोल) का नाम बताओ, वरना जेल जाना पड़ेगा। ट्रंप ने इसे नेशनल सिक्योरिटी का मुद्दा बताते हुए कहा, “हम मीडिया कंपनी के पास जाएंगे और कहेंगे- ‘नेशनल सिक्योरिटी, गिव इट अप या गो टू जेल’।”

क्या था पूरा मामला?

पिछले हफ्ते ईरान ने एक अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को मार गिराया। इसमें दो एयरमैन सवार थे। एक को पहले रेस्क्यू कर लिया गया, लेकिन दूसरे एयरमैन की तलाश चल रही थी। यह एयरमैन घायल हालत में ईरानी इलाके के पहाड़ी इलाके में एक दरार (mountain crevice) में छिपकर ईरानी सेना से बच रहा था। अमेरिकी रिकवरी टीम ने भारी गोलीबारी के बीच उसे सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया। ट्रंप ने रविवार को इस रेस्क्यू की घोषणा की और इसे अमेरिकी सेना का एक बेहद जटिल और साहसिक ऑपरेशन बताया।

ट्रंप का आरोप है कि एक लीक (सूत्र से दी गई जानकारी) के कारण मीडिया ने रिपोर्ट किया कि “एक एयरमैन को बचा लिया गया है, लेकिन दूसरा अभी लापता है”। इससे ईरान को पता चल गया कि अमेरिकी सेना अभी भी दूसरे एयरमैन की तलाश कर रही है। ट्रंप ने कहा, “ईरान को इसकी भनक तक नहीं थी, जब तक इस ‘सिक’ (बीमार) लीक ने जानकारी नहीं दी।” इससे रेस्क्यू मिशन को बड़ा खतरा पैदा हो गया और ईरानी सेना व स्थानीय लोग उस एयरमैन की तलाश में जुट गए।

ट्रंप का गुस्सा और चेतावनी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा: “हम उस लीक को बहुत गंभीरता से ढूंढ रहे हैं।” “जो मीडिया कंपनी ने यह खबर छापी, हम उनके पास जाएंगे और कहेंगे- नेशनल सिक्योरिटी, सोर्स का नाम दो वरना जेल जाओ।” “जो रिपोर्टर इस स्टोरी के पीछे था, अगर सोर्स नहीं बताएगा तो वह जेल जाएगा।” ट्रंप ने लीक करने वाले को ‘सिक पर्सन’ (बीमार व्यक्ति) करार दिया और कहा कि जांच चल रही है तथा स्रोत की पहचान होने की उम्मीद है।

प्रेस फ्रीडम पर विवाद

इस बयान पर प्रेस फ्रीडम के समर्थकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। फ्रीडम ऑफ द प्रेस फाउंडेशन के सेठ स्टर्न ने कहा कि पत्रकार सरकार के लिए नहीं काम करते और लीक की सूचना प्रकाशित करना फर्स्ट अमेंडमेंट के तहत संरक्षित है। सरकार को अपने राज रखने हैं, पत्रकारों को नहीं। अभी तक ट्रंप ने किसी खास मीडिया संस्थान या पत्रकार का नाम नहीं लिया है, लेकिन कई रिपोर्ट्स में द गार्डियन का जिक्र है जिसने लापता एयरमैन और रेस्क्यू डिटेल्स पर रिपोर्टिंग की थी। व्हाइट हाउस ने लीक की जांच की पुष्टि की है।

वर्तमान स्थिति (अप्रैल 2026)

दोनों एयरमैन अब सुरक्षित हैं और रिकवर कर रहे हैं। कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी भी दी है कि अगर हॉर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला गया तो “हेल” (नर्क) बरपाएंगे। यह घटना ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में मीडिया के साथ बढ़ते टकराव को दिखाती है। आलोचक इसे प्रेस फ्रीडम पर हमला बता रहे हैं, जबकि ट्रंप इसे राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा बता रहे हैं। अभी तक कोई मीडिया संस्थान या पत्रकार पर कोई कानूनी कार्रवाई की खबर नहीं आई है, लेकिन ट्रंप प्रशासन की ओर से जांच तेज होने की उम्मीद है। यह मुद्दा अमेरिकी मीडिया और सरकार के रिश्तों में नया विवाद खड़ा कर रहा है।

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