यमुना सिटी। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तार के तीसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत प्रशासन ने किसानों को मुआवजा वितरण शुरू कर दिया है। तीसरे चरण में 14 गांवों के लगभग 15 हजार किसानों की 1857 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है, जिसके एवज में कुल 8600 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जाएगा।
200 करोड़ की पत्रावली तैयार, 500 करोड़ का वितरण पूरा
जिलाधिकारी के निर्देश पर शिविर लगाकर 200 करोड़ रुपये की पत्रावली तैयार की गई है। मुआवजे की संपूर्ण राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। मुआवजा वितरण के पहले चरण में 42 हेक्टेयर जमीन की पत्रावली तैयार की गई है। किसानों को 4,300 रुपये प्रति वर्गमीटर की संशोधित दर के साथ-साथ ब्याज सहित भुगतान किया जा रहा है। मार्च के शुरुआत में अवार्ड घोषित होने के बाद से अब तक 500 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है।
इन 14 गांवों के किसान हैं प्रभावित
तीसरे चरण में जिन 14 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, उनमें थोरा, नीमका शाहजहांपुर, ख्वाजपुर, रामनेर, किशोरपुर, बनवारीबास, परोही, मुकीमपुर सिवारा, जेवर बांगर, सबौता मुस्तफाबाद, अहमदपुर चौरौली, दयानतपुर, बैंकपुर और रोहीगांव शामिल हैं।
DM के निर्देश पर गांव-गांव लगे शिविर
मुआवजा वितरण में देरी को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मेधा रूपम ने सभी 14 प्रभावित गांवों में शिविर लगाकर किसानों से पत्रावलियां एकत्र करने के निर्देश दिए। इसके बाद सभी गांवों में लेखपाल और अमीनों ने शिविर लगाकर पत्रावलियां लेना शुरू कर दिया है।
बारह साला प्रमाण पत्र की समस्या का भी निकाला समाधान
कई किसानों को बारह साला यानी भार मुक्त प्रमाण पत्र प्राप्त करने में दिक्कतें आ रही थीं, जिसके कारण मुआवजा वितरण में बाधा उत्पन्न हो रही थी। जिलाधिकारी ने इस समस्या का संज्ञान लेते हुए सब रजिस्ट्रार कार्यालय जेवर में अतिरिक्त कर्मचारी तैनात करने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि किसानों को जल्द से जल्द यह प्रमाण पत्र मिल सके और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सके। उल्लेखनीय है कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश की सबसे महत्वाकांक्षी विमानन परियोजनाओं में से एक है और इसके निर्माण के साथ-साथ प्रभावित किसानों को समय पर उचित मुआवजा दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता बनी हुई है।

