गौतमबुद्ध नगर (जेवर): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट ‘जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) अब उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है। आगामी 28 तारीख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस भव्य एयरपोर्ट का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए लाखों लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जिसे देखते हुए प्रशासन और सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
मुख्यमंत्री ने खुद संभाली कमान, मैप के जरिए समझा ‘प्लान’
तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं जेवर पहुंचे। वहां उन्होंने एयरपोर्ट परिसर का निरीक्षण किया और जिला अधिकारी (DM) के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। डीएम ने मुख्यमंत्री को ‘मैप प्लान’ के जरिए एयरपोर्ट के लेआउट, रनवे की स्थिति और टर्मिनल बिल्डिंग के साथ-साथ उद्घाटन समारोह की सुरक्षा व्यवस्था और जनसभा स्थल का पूरा खाका समझाया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उद्घाटन समारोह में आने वाली लाखों की भीड़ को देखते हुए यातायात प्रबंधन और सुरक्षा में कोई चूक नहीं होनी चाहिए।
इन जिलों की बदलेगी तकदीर
जेवर एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक ‘ग्रोथ इंजन’ माना जा रहा है। इससे न केवल गौतमबुद्ध नगर को लाभ होगा, बल्कि आसपास के कई जिलों की कनेक्टिविटी और व्यापार को पंख लगेंगे:
- बुलंदशहर और अलीगढ़: कृषि और औद्योगिक निर्यात को मजबूती मिलेगी।
- गाजियाबाद और मेरठ: दिल्ली-एनसीआर का दबाव कम होगा और रियल एस्टेट में उछाल आएगा।
- मथुरा और हाथरस: पर्यटन और ब्रज क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।
- आगरा और अन्य जिले: लॉजिस्टिक हब बनने से हजारों नए रोजगार पैदा होंगे।
यूपी सरकार का ‘प्रायोरिटी प्रोजेक्ट’
जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार का सबसे बड़ा बुनियादी ढांचा (Infrastructure) प्रोजेक्ट है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे अपनी प्राथमिकता में रखा था और अब उनका यह सपना साकार होने जा रहा है। एयरपोर्ट के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ‘इंडस्ट्रियल कॉरिडोर’ को बढ़ावा मिलेगा, जिससे मल्टीनेशनल कंपनियां इस क्षेत्र की ओर आकर्षित होंगी।
सुरक्षा और जनसभा की तैयारी
प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। लाखों लोगों के बैठने के लिए विशाल पंडाल बनाया जा रहा है। पार्किंग, पेयजल और मेडिकल सुविधाओं के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं। यह उद्घाटन समारोह आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्रांति के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
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