कक्षा 12 मैथ्स परीक्षा में लगभग 18 लाख छात्र शामिल हुए थे। QR कोड आमतौर पर पेपर की ऑथेंटिसिटी चेक करने, लीक ट्रैक करने या सिक्योरिटी मार्कर के लिए छापा जाता है। लेकिन कई छात्रों ने दावा किया कि कुछ सेट्स (जैसे RPSQ4, SRFQ3 आदि) में QR कोड स्कैन करने पर यूट्यूब पर रिक एस्टली का 1987 का हिट गाना खुल गया। छात्रों ने कहा, “पढ़ाई की जगह म्यूजिक वीडियो! CBSE ने हमें रिक्रोल कर दिया!”
सोशल मीडिया पर रिएक्शन:
एक यूजर ने लिखा: “CBSE ने 12वीं को रिक्रोल कर दिया!!
”
दूसरे ने मजाक उड़ाया: “2026 की शुरुआत ही धांसू हो गई!”
कुछ छात्रों ने गंभीर सवाल उठाए: “ऑफिशियल पेपर में ऐसा कैसे हो सकता है? क्वालिटी चेक कहां गया?” हालांकि, सभी पेपरों में ऐसा नहीं था। दिल्ली-एनसीआर के कई सेंटर्स में छात्रों ने बताया कि उनके पेपर के QR कोड से सिर्फ अल्फाबेट मार्कर जैसे “A” या “Q” खुले, कोई लिंक नहीं। इंडिया टुडे और अन्य मीडिया ने पुष्टि की कि यह सभी वर्जन में नहीं था, बल्कि कुछ सीमित सेट्स में ही।
CBSE की प्रतिक्रिया
अब तक बोर्ड की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रिंटिंग एरर था, वेंडर की गलती, या जानबूझकर मजाक। परीक्षा प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ा, क्योंकि QR कोड का इस्तेमाल जवाब देने के लिए जरूरी नहीं था। यह घटना बोर्ड एग्जाम सीजन में एक हल्का-फुल्का लेकिन यादगार मोमेंट बन गई है। छात्रों के लिए तनाव भरी परीक्षा के बीच यह “रिक्रोल” अब इंटरनेट का नया मीम बन चुका है। क्या CBSE जल्द कोई स्पष्टीकरण जारी करेगा? सभी की नजर इस पर टिकी है।

