सावधान! चटक रंग के पापड़ पड़ सकते हैं सेहत पर भारी: मड़ियांव में खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा, 112 किलो खाद्य पदार्थ नष्ट

लखनऊ | लखनऊ में मिलावटखोरों और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गुरुवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ टीम ने सीतापुर रोड स्थित मड़ियांव क्षेत्र में एक बड़ा जागरूकता व प्रवर्तन अभियान चलाया। इस दौरान सेहत के लिए हानिकारक पाए गए भारी मात्रा में खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट कराया गया।

45 हजार की कीमत का माल नष्ट

अभियान के दौरान टीम ने मड़ियांव और आसपास के बाजारों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान लगभग 112 किलोग्राम असुरक्षित खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। विभाग के अनुसार, नष्ट किए गए इन पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 45 हजार रुपए है। अधिकारियों ने बताया कि ये खाद्य पदार्थ मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे और इनके सेवन से गंभीर बीमारियां होने का खतरा था।

चटक रंगों का ‘कलर कोड’ सेहत के लिए खतरा

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विशेष रूप से खुले में बिकने वाले चटक रंगीन पापड़ और कचरी को लेकर लोगों को आगाह किया। टीम के विशेषज्ञों ने बताया कि:

  • इनमें इस्तेमाल होने वाले सिंथेटिक रंग अक्सर ‘नॉन-परमिटेड’ (अखाद्य) होते हैं।
  • खुले में बिकने के कारण इन पर धूल और प्रदूषण का सीधा असर पड़ता है।
  • इनका सेवन लिवर, किडनी और पेट की समस्याओं का कारण बन सकता है।

‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ से जागरूकता

चलती-फिरती प्रयोगशाला (Food Safety on Wheels) के जरिए टीम ने मौके पर ही कुछ नमूनों की प्राथमिक जांच की और स्थानीय दुकानदारों व ग्राहकों को जागरूक किया। अधिकारियों ने जनता से अपील की कि वे अत्यधिक गहरे रंगों वाले और बिना पैकिंग के बिकने वाले खाद्य पदार्थों को खरीदने से बचें।
अधिकारी का संदेश: “हमारा उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जनता को जागरूक करना है। चटक रंग सुंदर दिख सकते हैं, लेकिन वे स्वास्थ्य के लिए धीमे जहर के समान हैं।”

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