शिक्षकों और विशेषज्ञों ने पेपर को एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित और क्षमता-आधारित बताया। अधिकांश प्रश्न प्रत्यक्ष, समझ-आधारित और विश्लेषणात्मक थे, जो रटने की बजाय समझ और व्याख्या पर जोर देते थे।
समग्र कठिनाई स्तर
• आसान से मध्यम (Moderate to Easy): अधिकांश विशेषज्ञों और छात्रों ने पेपर को संतुलित और स्कोरिंग माना।
• छात्रों ने इसे गणित परीक्षा की तुलना में आसान बताया, जहां कई ने राहत महसूस की।
• तीनों सेटों में संरचना और कठिनाई समान रही, जिससे निष्पक्षता बनी रही।
सेक्शन-वाइज विश्लेषण
• सेक्शन A: रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन — आसान से मध्यम। पैसेज स्पष्ट और समझने योग्य थे। एक पैसेज भारत के जंगलों और इलेक्ट्रिक वाहनों पर आधारित था। ज्यादातर प्रश्न प्रत्यक्ष थे, हालांकि कुछ में इंफरेंस और एनालिसिस की जरूरत पड़ी। छात्रों ने इसे स्कोरिंग बताया।
• सेक्शन B: ग्रामर और राइटिंग स्किल्स — मध्यम। ग्रामर में एरर करेक्शन, रिपोर्टेड स्पीच आदि पर फोकस था। कुछ छात्रों को रिपोर्टेड स्पीच में पंक्चुएशन का मामूली मुद्दा लगा। राइटिंग में लेटर टू द एडिटर और एनालिटिकल पैराग्राफ जैसे परिचित टॉपिक्स थे (जैसे डिजिटल हैबिट्स, गर्ल चाइल्ड)। फॉर्मेट और वर्ड लिमिट स्पष्ट होने से छात्रों को आसानी हुई।
• सेक्शन C: लिटरेचर — मध्यम। एनसीईआरटी अध्यायों से आधारित। The Midnight Visitor, Nelson Mandela: Long Walk to Freedom आदि से एक्सट्रैक्ट-आधारित प्रश्न। थीम्स, कैरेक्टर एनालिसिस और इंटरप्रिटेशन पर जोर। अच्छी तैयारी वाले छात्रों के लिए स्कोरिंग रहा, हालांकि कुछ प्रश्नों में गहन व्याख्या की जरूरत थी।
छात्रों और शिक्षकों की प्रतिक्रियाएं
• छात्रों ने कहा, “पेपर आसान और डायरेक्ट था, समय पर पूरा हो गया। ग्रामर सरल था और लिटरेचर में क्लासरूम डिस्कशन से मदद मिली।”
• महिमा दुदेजा (PGT English, JAIN International Residential School, Bengaluru) ने कहा, “पेपर मॉडरेटली ईजी, संतुलित और अच्छी तरह से संरचित था। भाषा स्पष्ट थी, जो समझने में आसान बनाती थी।”
• शिल्पा सूता (Satya School, Gurugram) ने बताया, “छात्रों ने पेपर को आसान, संतुलित और अपेक्षाओं के अनुरूप पाया। अनसीन पैसेज सरल थे।”
• अन्य शिक्षकों ने इसे NEP 2020 के अनुरूप competency-based बताया, जहां क्रिटिकल थिंकिंग और एप्लीकेशन पर फोकस था।
मूल्यांकन और अगले कदम
सीबीएसई मूल्यांकन में कंटेंट, क्लैरिटी, स्ट्रक्चर और वर्ड लिमिट का पालन देखेगा। अच्छी तैयारी वाले छात्रों को उच्च अंक मिलने की संभावना है। अब छात्र अगले विषयों की तैयारी पर फोकस कर सकते हैं। आंसर की और मार्किंग स्कीम जल्द उपलब्ध हो सकती है। कुल मिलाकर, अंग्रेजी पेपर ने छात्रों को आत्मविश्वास दिया और बोर्ड परीक्षा की शुरुआत सकारात्मक रही।

