Security lapses at Ryan International School: सेक्टर बीटा-1 स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। कक्षा सातवीं की 12 वर्षीय छात्रा शानवी (निवासी बोड़ाकी गांव) लंच ब्रेक के दौरान स्कूल के बाथरूम में करीब एक घंटे से अधिक समय तक बंद रही। बाहर से किसी ने दरवाजा लॉक कर दिया, जिसके कारण बच्ची चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। सफाई कर्मी के आने पर दरवाजा खुला।
घटना 19 फरवरी (गुरुवार) की दोपहर की है। शानवी लंच के समय बाथरूम गई थी। जब वह बाहर नहीं आई तो किसी ने बाहर से लॉक कर दिया। बच्ची काफी देर तक मदद मांगती रही, लेकिन स्कूल परिसर में किसी का ध्यान नहीं गया। लगभग एक घंटे बाद महिला सफाई कर्मचारी ने आवाज सुनकर दरवाजा खोला। बाहर निकलने के बाद बच्ची सदमे में थी।
घर पहुंचकर शानवी ने पिता अशोक भाटी को पूरी घटना बताई। पिता ने स्कूल जाकर शिक्षिका से शिकायत की, लेकिन उल्टा बेटी को ही डांटा गया और गायब रहने का माफीनामा लिखवा लिया गया। इस रवैये से बच्ची मानसिक रूप से आहत हो गई और शुक्रवार (20 फरवरी) को स्कूल नहीं गई। अशोक भाटी ने आरोप लगाया, “स्कूल प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की। एक घंटे तक बच्ची क्लास में नहीं पहुंची तो अभिभावकों को सूचना क्यों नहीं दी गई? सीसीटीवी फुटेज दिखाने से भी मना कर दिया गया।” उन्होंने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बच्चों की जिम्मेदारी स्कूल की है।
स्कूल प्रबंधन का पक्ष स्कूल की प्रधानाचार्या सुधा सिंह ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि ये आरोप गलत हैं। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए आंतरिक कमेटी गठित कर दी गई है। अभिभावकों को मीटिंग के लिए बुलाया गया है और जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट साझा की जाएगी। प्रधानाचार्या ने जोर देकर कहा कि बच्चों की सुरक्षा स्कूल की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रशासनिक शिकायत अशोक भाटी ने 20 फरवरी को जिलाधिकारी मेधा रूपम और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार से मुलाकात कर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पिता ने यह भी बताया कि दो साल पहले भी ऐसी ही घटना स्कूल में हुई थी। अभिभावक संगठनों ने भी इस घटना पर स्कूल प्रबंधन से जवाबदेही तय करने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन जांच शुरू करने की तैयारी में है। यह मामला निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर से बहस छेड़ने वाला है।

