Tension persists at Banke Bihari Temple: वृंदावन के प्रसिद्ध श्री ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में सुप्रीम कोर्ट गठित हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी (HPC) के फैसलों को लेकर गोस्वामी सेवायतों और श्रद्धालुओं का विरोध जारी है। कल (19 फरवरी) गर्भगृह पर ताला लगने के बाद हुए हंगामे के बाद आज सुबह जगमोहन से और शाम को गर्भगृह से मिश्रित दर्शन व्यवस्था चल रही है। कमेटी की 12वीं बैठक (17 फरवरी) में लिए गए फैसलों पर विवाद चरम पर है, जिसमें ठाकुर जी को जगमोहन में विराजमान करने, 25 फरवरी से लाइव स्ट्रीमिंग शुरू करने और सजावट में प्लास्टिक प्रतिबंध शामिल हैं।
क्या हैं विवादास्पद फैसले? हाई पावर्ड कमेटी की बैठक में तय हुआ: होली (फाल्गुन) उत्सव के दौरान ठाकुर जी को जगमोहन में विराजमान किया जाएगा, ताकि ज्यादा भक्त आसानी से दर्शन कर सकें। 25 फरवरी 2026 से बांके बिहारी जी के दर्शनों की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू होगी। मंदिर सजावट में प्लास्टिक गुब्बारे या अप्राकृतिक वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध, केवल प्राकृतिक फूल-पत्ते से किया जाएगा।दर्शन समय बढ़ाने का पुराना प्रस्ताव (सितंबर 2025 से) तुरंत लागू करने की चेतावनी।
कमेटी चेयरमैन (रिटायर्ड जस्टिस अशोक कुमार) ने साफ कहा है कि इन सुधारों में देरी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना होगी और कोर्ट अवमानना का मामला बन सकता है। गोस्वामी समाज का विरोध गोस्वामी सेवायतों का आरोप है कि परंपरा के साथ खिलवाड़ हो रहा है। गर्भगृह में ही दर्शन की प्रथा सदियों पुरानी है। 18 फरवरी को राजभोग के बाद गर्भगृह पर ताला लगाए जाने के बाद 19 फरवरी को सेवायतों और भक्तों ने जोरदार विरोध किया। वेणु गोस्वामी ने कहा, “हम समय पर पूजा करने पहुंचे तो ताला लगा था, यह परंपरा भंग है।” हंगामे के बाद ताला खोला गया और दर्शन बहाल किए गए।
आज सुबह जगमोहन से दर्शन हुए, जबकि शाम को गर्भगृह से सामान्य दर्शन जारी हैं। मंदिर में मीडिया कवरेज पर भी अस्थायी पाबंदी लगाई गई है।
आगामी होली और चंद्र ग्रहण का असर 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण को देखते हुए नई समय सारिणी जारी की जाएगी। होली के दौरान ठाकुर जी जगमोहन में रहेंगे, जिससे लाखों भक्तों को आसान दर्शन मिल सकेंगे। कमेटी का उद्देश्य भीड़ प्रबंधन और भक्त सुविधा बताते हुए सुधारों को लागू करना है। पृष्ठभूमि सुप्रीम कोर्ट ने भारी भीड़ और प्रबंधन की कमी को देखते हुए 2022-23 में हाई पावर्ड कमेटी गठित की थी। तब से VIP दर्शन बंद, सामान्य कतार व्यवस्था और समय विस्तार जैसे कदम उठाए जा चुके हैं। लेकिन गोस्वामी समाज इन्हें परंपरा विरोधी मान रहा है।स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। यदि विवाद नहीं सुलझा तो आगे कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई संभव है। भक्तों से अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखें।

