Contract workers protest at NTPC Dadri: एनटीपीसी के सीएचपी (कोल हैंडलिंग प्लांट) विभाग में कार्यरत हाउसकीपिंग पैकेज-1 एवं 2 के ठेका श्रमिकों ने वेतन और वैधानिक अंशदान में अनियमितता का आरोप लगाते हुए बुधवार को कार्य बंद कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। श्रमिकों ने विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही एवं शोषण का आरोप लगाया है। श्रमिकों का कहना है कि पिछले करीब 10 महीनों से उनके वेतन से काटी गई पीएफ और ईएसआई की राशि संबंधित खातों में जमा नहीं की गई है। वहीं, पिछले तीन महीनों से न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम और बोनस का भुगतान भी लंबित है। इस कारण श्रमिकों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
श्रमिकों के अनुसार, कार्य ठेका कंपनी ठेका मैसर्स आकर के माध्यम से कराया जा रहा है। आरोप है कि भुगतान में लगातार देरी और पीएफ-ईएसआई अंशदान जमा न किए जाने के पीछे अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत है, जिससे श्रमिकों का आर्थिक और मानसिक शोषण हो रहा है। बकाया भुगतान और अंशदान जमा न होने के विरोध में श्रमिकों ने सुबह से ही कार्य बहिष्कार कर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने मांग की कि लंबित वेतन, ओवरटाइम और बोनस का तत्काल भुगतान किया जाए तथा पीएफ-ईएसआई की समस्त बकाया राशि संबंधित खातों में शीघ्र जमा कराई जाए। ठेका श्रमिक संघ के महासचिव अवनीश प्रताप ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। श्रमिकों ने मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है।
यह भी पढ़ें: मुफ्त बिजली योजना पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: राज्यों की ‘फ्री कल्चर’ आर्थिक विकास में बाधा

