छात्र ने अपना iPhone 14 और चांदी की चेन बचाने की कोशिश की, तो बदमाशों ने उसका गला दबाया और सिर पर पत्थरों से ताबड़तोड़ वार किए। सोनल सड़क पर तड़पता रहा, “बचाओ, ये मुझे मार डालेंगे” चिल्लाता रहा, लेकिन आसपास के लोग मूकदर्शक बने रहे। लूटेरों ने मोबाइल और चेन छीनकर फरार हो गए। एमएलसी रिपोर्ट में पता चला कि छात्र के सिर पर तीन गहरे घाव हैं, जो पत्थर के प्रहार से हुए। अंत में दो बाइक सवार अनजान लोगों ने हालत देखकर बाइक रोकी, 112 पर कॉल किया और छात्र को पास के अस्पताल पहुंचाया। करोल बाग पुलिस ने पीड़ित के बयान पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट, मारपीट और हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है। जांच में इलाके की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान हो सके।
यह घटना दिल्ली में बढ़ते अपराध और लोगों की असंवेदनशीलता को उजागर करती है। जहां एक तरफ बदमाश बेखौफ होकर अपराध कर रहे हैं, वहीं समाज की ‘तमाशबीन’ मानसिकता मदद के बजाय सिर्फ देखने तक सीमित रह जाती है। पुलिस ने जांच तेज कर दी है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई है। पीड़ित छात्र फिलहाल अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। ऐसे मामलों में दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई ऐसी स्थिति देखें तो तुरंत 112 पर कॉल करें और मदद पहुंचाएं। समाज को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी—क्योंकि तमाशा देखना अपराध को बढ़ावा देता है।

