नोएडा/ग्रेटर नोएडा: यमुना और हिंडन नदियों के डूब क्षेत्र (Floodplains) में अवैध रूप से बने फार्म हाउस और कॉलोनियों के खिलाफ नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद, प्रशासन अब न केवल निर्माण गिरा रहा है, बल्कि अवैध प्लॉटिंग करने वाले भू-माफियाओं को जेल भेजने की तैयारी में है।
1. निर्माण रोकने की जिम्मेदारी: किस विभाग का क्या काम?
अवैध निर्माण को रोकने के लिए उत्तरदायित्व तय कर दिया गया है:
- नोएडा/ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (Work Circle): अपने अधिसूचित क्षेत्र (Notified Area) में किसी भी बिना नक्शा पास निर्माण को रोकने और ध्वस्त करने की प्राथमिक जिम्मेदारी इनकी है।
- सिंचाई विभाग (Irrigation Department): नदियों के जलस्तर वाले क्षेत्र (डूब क्षेत्र) की जमीन का रिकॉर्ड रखना और वहाँ हो रहे अतिक्रमण की सूचना पुलिस को देना।
- जिला प्रशासन (Revenue Department): अवैध कब्जों को चिन्हित करना और धारा 67 (अवैध कब्जा) के तहत बेदखली की कार्रवाई करना।
- पुलिस विभाग: ध्वस्तीकरण के समय सुरक्षा देना और भू-माफियाओं के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करना।
2. कहाँ-कहाँ हुई बड़ी कार्रवाई?
हालिया महीनों में इन क्षेत्रों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है:
- यमुना डूब क्षेत्र: सेक्टर-135, 150, 151, गुलावली, मोमनाथल और तिलवाड़ा। यहाँ करोड़ों की लागत से बने 60 से अधिक आलीशान फार्म हाउस जमींदोज किए जा चुके हैं।
- हिंडन क्षेत्र: कुलेसरा, हैबतपुर, बिसरख और छिजारसी के पास डूब क्षेत्र में काटी जा रही अवैध कॉलोनियों की सड़कों और बाउंड्री वॉल को तोड़ा गया है।
- ग्रेटर नोएडा वेस्ट (Greater Noida West): शाहबेरी और इटेड़ा जैसे संवेदनशील इलाकों में कई अवैध इमारतों को सील किया गया है।
3. FIR और कानूनी शिकंजा
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार:
- सैकड़ों पर FIR: पिछले एक साल में अवैध प्लॉटिंग और सरकारी जमीन कब्जाने के आरोप में 250 से अधिक लोगों पर FIR दर्ज की गई है।
- गैंगस्टर एक्ट: चिन्हित भू-माफियाओं पर ‘गैंगस्टर एक्ट’ के तहत कार्रवाई की जा रही है ताकि उनकी अवैध संपत्ति कुर्क की जा सके।
- अधिकारियों पर कार्रवाई: निर्माण कार्य को अनदेखा करने वाले संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) और वर्क सर्कल के अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय जांच बैठाई गई है।
ग्रेटर नोएडा में फिर दर्दनाक हादसा: लापरवाही के गड्ढे में डूबने से तीन साल के मासूम की मौत

