Noida on the ‘Indore path’?: पॉश सोसाइटी में जल संकट, नलों से निकल रहे कीड़े, सैन्य दिग्गजों के घरों में बीमारी का डेरा

Noida on the ‘Indore path’?: नोएडा के सेक्टर 29 स्थित ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट्स, जो मुख्य रूप से सेवानिवृत्त सैन्य दिग्गजों (Army Veterans) का निवास स्थान है, इस समय एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहा है। हाल ही में आई रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां के निवासी न केवल गंदे और बदबूदार पानी से परेशान हैं, बल्कि उनके नलों से अब कीड़े और तलछट (sediment) भी निकल रहे हैं।

नोएडा के सेक्टर 29 स्थित ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट्स, जिसे शहर के सबसे सुरक्षित और प्रतिष्ठित इलाकों में गिना जाता है, आज बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण चर्चा में है। यहाँ रहने वाले पूर्व सैन्य अधिकारियों के परिवारों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से ‘जहरीला’ पानी पीने को मजबूर हैं।

मुख्य बिंदु:
कीड़े और मिट्टी युक्त पानी: निवासियों ने शिकायत की है कि नलों से आने वाले पानी में जीवित कीड़े और केंचुआ (worms) जैसे जीव देखे गए हैं। साथ ही पानी में मिट्टी और काला तलछट जमा हो रहा है।

बीमारियों का घर: सोसाइटी के लगभग हर दूसरे घर में कोई न कोई बीमार है। निवासियों में डायरिया, त्वचा पर फोड़े-फुंसी (boils), मतली और गंभीर थकान जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। डॉक्टरों ने स्पष्ट रूप से इन बीमारियों का संबंध दूषित पानी की आपूर्ति से बताया है।

सरकारी मानकों की अनदेखी: निवासियों द्वारा कराए गए एक निजी लैब टेस्ट में पानी के भीतर कोलीफॉर्म बैक्टीरिया (Coliform Bacteria) की पुष्टि हुई है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार, पीने के पानी में इसकी मात्रा शून्य होनी चाहिए।

‘इंदौर की राह’ पर नोएडा?
हाल ही में इंदौर में दूषित पानी के कारण हुई मौतों की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट्स के निवासी अब पूछ रहे हैं, “क्या हम भी इंदौर जैसी त्रासदी का इंतज़ार कर रहे हैं?” लोगों का मानना है कि पानी में जीवित कीड़ों का मिलना इस बात का संकेत है कि वाटर सप्लाई सिस्टम में कहीं न कहीं कोई जानवर मर गया है या सीवर का पानी सीधे पीने के पानी की पाइपलाइन में मिल रहा है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया
शिकायतों के बढ़ते शोर के बीच, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने जल विभाग की एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया है। प्राधिकरण का दावा है कि:
पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों में लीकेज की पहचान की जा रही है। सोसाइटी के ओवरहेड और अंडरग्राउंड टैंकों की सफाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में रैंडम वाटर सैंपलिंग शुरू कर दी गई है।

विशेषज्ञों की सलाह
जब तक समस्या का पूर्ण समाधान नहीं होता, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने निवासियों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
नल के पानी को कम से कम 20 मिनट तक उबालकर ही पिएं।वाटर प्यूरीफायर (RO) के फिल्टर की तत्काल जांच कराएं और उन्हें बदलें। खाना पकाने या बर्तन धोने के लिए भी असुरक्षित पानी का प्रयोग न करें।

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