यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव के बाद की सबसे बड़ी करेक्शन है। बिटकॉइन 15-20% तक गिरा, जबकि ईथर, सोलाना जैसी अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी भी भारी नुकसान में हैं। पिछले 24 घंटों में 700 मिलियन डॉलर से ज्यादा की लिक्विडेशन हुईं, जिसने गिरावट को और तेज कर दिया।
गिरावट के मुख्य कारण
मार्केट विशेषज्ञों के अनुसार, यह क्रैश एक ही घटना का नतीजा नहीं, बल्कि कई कारकों का मिश्रण है:
• ग्लोबल रिस्क अवर्शन: निवेशक हाई-रिस्क एसेट्स से दूर भाग रहे हैं। आर्थिक विकास, ब्याज दरों और मौद्रिक नीति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
• टेक और AI स्टॉक्स की कमजोरी: क्रिप्टो का टेक सेक्टर से बढ़ता सह-संबंध दिखा रहा है। कंपनियों पर भारी निवेश की लाभप्रदता पर सवाल उठने और कमजोर अमेरिकी लेबर डेटा से बॉन्ड यील्ड गिरे, जिसका असर क्रिप्टो पर पड़ा है।
• इंस्टीट्यूशनल सेलिंग: बड़े निवेशकों ने बिटकॉइन ETF सहित प्रोडक्ट्स से लगातार आउटफ्लो किया। CoinShares रिपोर्ट में निरंतर निकासी दर्ज की गई।
• लिक्विडेशन कैस्केड: हाई लेवरेज वाले ट्रेडर्स की पोजीशन लिक्विडेट हुईं, जिससे चेन रिएक्शन शुरू हुआ। CoinSwitch के को-फाउंडर आशीष सिंघल ने कहा, “फ्यूचर्स मार्केट में भारी लिक्विडेशन मुख्य कारण रही।”
• मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितता: टाइट फाइनेंशियल कंडीशंस और इन्फ्लेशन की आशंकाएं निवेशकों का जोखिम भूख कम कर रही हैं।
निवेशकों की प्रतिक्रिया
कुछ निवेशक पैनिक सेलिंग कर रहे हैं, ट्रेडिंग वॉल्यूम में भारी उछाल आया है। हालांकि, लॉन्ग-टर्म होल्डर्स जैसे माइकल सेयलर अभी भी होल्ड करने की सलाह दे रहे हैं। कई निवेशक निचले स्तरों पर खरीदारी कर रहे हैं, उम्मीद है कि मैक्रो कंडीशंस सुधरने पर रिकवरी आएगी।
भारत पर असर
भारत दुनिया के सबसे सक्रिय क्रिप्टो मार्केट्स में से एक है। यहां रिटेल निवेशकों में घबराहट है, खासकर नए निवेशकों में। लेकिन कई अनुभवी निवेशक इसे लॉन्ग-टर्म साइकिल का हिस्सा मानकर वेट-एंड-वॉच कर रहे हैं। एक्सचेंजों और ब्लॉकचेन स्टार्टअप्स पर कम ट्रेडिंग वॉल्यूम का दबाव पड़ेगा, लेकिन यह मार्केट को ज्यादा डिसिप्लाइंड बना सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 58,000-60,000 डॉलर का सपोर्ट जोन महत्वपूर्ण है। अगर यहां स्थिरता रही, तो धीरे-धीरे रिकवरी संभव है।
यह क्रिप्टो की अस्थिरता की याद दिला रहा है—मेनस्ट्रीम होते हुए भी यह ग्लोबल मार्केट फोर्सेस से प्रभावित है। आगे की दिशा मैक्रो ट्रेंड्स, इंस्टीट्यूशनल बिहेवियर और निवेशक कॉन्फिडेंस पर निर्भर करेगी।
(नोट: क्रिप्टो मार्केट अत्यधिक अस्थिर है। निवेश से पहले प्रमाणित फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।)
यह एक विकासशील खबर है। आगे अपडेट आने पर जानकारी साझा की जाएगी।

