सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में नोकझोंक के सीन दिख रहे हैं, जबकि निवासी मनमानी किराए से परेशान हैं।
यात्रियों का कहना है कि पहले यही दूरी 10 रुपये में तय होती थी, लेकिन अब चालक 20 रुपये मांग रहे हैं और कम पर सवारी बैठाने से इनकार कर देते हैं। कुछ जगहों पर नए रेट के बोर्ड भी लगा दिए गए। एक महिला यात्री ने वीडियो में शिकायत की कि चालक कहते हैं “पुलिस को पैसा देते हैं”, जिससे मनमानी बढ़ी है। निवासी रश्मि पांडेय और यश-कल्पना जैसे लोग रोजाना इस रूट का इस्तेमाल करते हैं और बढ़े किराए से परेशान हैं।
नेफोवा (NEFOWA) के अध्यक्ष अभिषेक कुमार और दीपांकर कुमार ने बताया कि इलाके में हजारों परिवार रहते हैं, लेकिन मेट्रो या मजबूत पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं है। इस मजबूरी का फायदा उठाकर चालक मनमानी कर रहे हैं। संगठन ने 15 मार्च को जंतर-मंतर पर 300-400 लोगों के साथ प्रदर्शन का ऐलान किया है, ताकि मेट्रो कनेक्टिविटी जल्द शुरू हो।
बिसरख कोतवाली प्रभारी ने कहा कि कुछ दिन पहले विवाद हुआ था, दोनों पक्षों को समझाया गया है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई थी। परिवहन विभाग से अभी कोई आधिकारिक किराया निर्धारण या कार्रवाई की खबर नहीं आई। निवासियों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही से ऐसे विवाद बार-बार हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से बढ़ती आबादी के हिसाब से पब्लिक ट्रांसपोर्ट जरूरी है, वरना ऑटो-रिक्शा माफिया जैसी स्थिति बन जाएगी। जनता से अपील है कि विवाद की स्थिति में पुलिस या परिवहन हेल्पलाइन (18001800152) पर शिकायत करें। मामले पर नजर रखी जा रही है।

