Yuvraj Mehta death case update: हाईकोर्ट ने बिल्डर अभय कुमार को रिहा करने का आदेश दिया, नोएडा में बनेंगी 6 नई जल पुलिस चौकियां

Yuvraj Mehta death case update: ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 में पानी से भरे निर्माणाधीन गड्ढे में कार गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता (27) की दर्दनाक मौत के मामले में आज दो महत्वपूर्ण अपडेट सामने आए हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी बिल्डर अभय कुमार की हेबियस कॉर्पस याचिका मंजूर कर उन्हें तुरंत रिहा करने का आदेश दिया, जबकि प्रशासन ने जल सुरक्षा मजबूत करने के लिए जिले में 6 नई जल पुलिस चौकियां स्थापित करने की योजना को मंजूरी दे दी है।

हाईकोर्ट से बिल्डर को राहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच (जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस जय कृष्ण उपाध्याय) ने एमजेड विजटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अभय कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी को गलत तरीके से हुई बताया और तत्काल रिहाई के निर्देश दिए। इससे पहले लोअर कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। मामले में दो अन्य आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर आ चुके हैं। पुलिस ने अभय कुमार को जनवरी में गिरफ्तार किया था, लेकिन कोर्ट ने इसे अवैध करार दिया। यूपी सरकार के पास अब आगे की कानूनी कार्रवाई के विकल्प सीमित हो गए हैं।

जल सुरक्षा के लिए 6 नई चौकियां
युवराज मेहता की मौत से सबक लेते हुए नोएडा पुलिस कमिश्नरेट ने संवेदनशील जल क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में 6 नई जल पुलिस चौकियां बनाई जाएंगी, जो तीनों जोनों (नोएडा, सेंट्रल नोएडा और ग्रेटर नोएडा) में तैनात होंगी।
नोएडा जोन: औखला बैराज (सेक्टर-126) और कालिंदी कुंज यमुना पुल
सेंट्रल नोएडा: इकोटेक-3 कुलेसरा हिंडन नदी तट

ग्रेटर नोएडा: कामबक्शपुर यमुना तट (नॉलेज पार्क), कोट नहर (दादरी), खैरली नहर पुलिया (दनकौर) और चंडीगढ़ यमुना नहर (रबूपुरा)

प्रत्येक चौकी में एक प्रभारी, मुख्य आरक्षी, आरक्षी तैनात होंगे और दो रेस्क्यू बोट्स उपलब्ध रहेंगी। आधुनिक जीवन रक्षक उपकरण, स्थानीय गोताखोरों-नाविकों का नेटवर्क और विशेष जल-बचाव प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये चौकियां घाटों पर कानून-व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और आपात रेस्क्यू के लिए जिम्मेदार होंगी। कांवड़ यात्रा, छठ पूजा जैसे आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगी।

इसके अलावा, सेक्टर-150 में पानी निकासी के लिए 27 करोड़ रुपये की ड्रेनेज परियोजना पर काम चल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये कदम भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद करेंगे, हालांकि दिल्ली के जनकपुरी में हालिया समान हादसे ने फिर प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।
युवराज के परिवार ने अभी तक इन अपडेट्स पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। जांच जारी है और जनता से अपील है कि जल निकायों और निर्माण क्षेत्रों के पास सावधानी बरतें।

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