असिफ नजरुल ने फेसबुक पर पोस्ट किया, “थैंक यू, पाकिस्तान”, और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बयान को कोट करते हुए लिखा कि पाकिस्तान ने बांग्लादेश के बहिष्कार के विरोध में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने का फैसला किया है। यह पोस्ट शरीफ के उस बयान के एक दिन बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था, “हम बांग्लादेश के साथ पूरी तरह खड़े हैं। खेल के मैदान पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन हमने बहुत सोचा-समझा फैसला लिया है।”
बांग्लादेश ने “सुरक्षा कारणों” से भारत में अपने मैच खेलने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद ICC ने जनवरी 2026 में उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को उनकी जगह दी। भारत-पाकिस्तान मैच 15 फरवरी को आर. प्रेमदासा स्टेडियम, कोलंबो में निर्धारित है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को सरकार ने साफ निर्देश दिया है कि यह मैच नहीं खेला जाए।
हालांकि, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) इस फैसले से पूरी तरह खुश नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार, BCB को आशंका है कि पाकिस्तान के इस कदम से वित्तीय नुकसान हो सकता है और पूरा क्रिकेट जगत प्रभावित होगा।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद शेख हसीना सरकार के गिरने (अगस्त 2024) के बाद बांग्लादेश की विदेश नीति में आए बदलाव का हिस्सा है। मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में बांग्लादेश-पाकिस्तान संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं – दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें बहाल, व्यापार में 27% वृद्धि, सैन्य सहयोग और JF-17 लड़ाकू विमान खरीद की चर्चा शामिल है।
ICC अब पाकिस्तान के इस बॉयकॉट पर संभावित कार्रवाई पर विचार कर रहा है, जिसमें आर्थिक दंड या भविष्य के टूर्नामेंटों में प्रतिबंध शामिल हो सकता है। ब्रॉडकास्टर्स भी कानूनी कार्रवाई की धमकी दे रहे हैं।
यह घटना क्रिकेट को राजनीति का शिकार बनाने का उदाहरण बन गई है, जबकि टूर्नामेंट 7 फरवरी से शुरू होने वाला है।

