प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि कई मजदूर मलबे में दब गए। कुछ सूत्रों ने 4 मौतों की पुष्टि की है जबकि एक घायल है, लेकिन अन्य रिपोर्ट्स में 10 या इससे अधिक मजदूरों के मारे जाने की आशंका जताई गई है। पुलिस ने मौतों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामला विकासशील है।
बचाव कार्य और पुलिस कार्रवाई
मेघालय पुलिस ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया है। स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं और मलबा हटाने का काम जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि खदान अवैध थी और रैट-होल माइनिंग पद्धति से कोयला निकाला जा रहा था।
अवैध खनन की पुरानी समस्या
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने 2014 में पर्यावरणीय क्षति और सुरक्षा कारणों से मेघालय में रैट-होल कोयला खनन पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन अवैध खनन अब भी जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरोहबाजी और स्थानीय समर्थन से चल रहा है, जिससे आए दिन ऐसी दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
इस घटना ने एक बार फिर अवैध खनन की खतरनाक वास्तविकता को उजागर किया है। पीड़ितों के परिवारों में मातम है और असम सरकार से भी मदद की अपील की जा रही है। जांच जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है।

