Mumbai-Pune Expressway reopens after 33 hours: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर प्रोपिलीन गैस ले जा रहे टैंकर के पलटने से करीब 33 घंटे तक ट्रैफिक ठप रहने के बाद आज सुबह करीब 1:46 बजे से दोनों दिशाओं में वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। हालांकि, लंबी कतारों और रात भर फंसे रहने से थके ड्राइवरों के सो जाने की वजह से अभी भी कई जगहों पर जाम बरकरार है। पुलिस टीमें वाहनों की खिड़कियां खटखटाकर ड्राइवरों को जगाकर ट्रैफिक आगे बढ़ा रही हैं।
महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) के अधिकारी ने बताया, “टैंकर को क्रेन की मदद से हटाए जाने और गैस सुरक्षित ट्रांसफर करने के बाद मुंबई की दिशा वाली लेन रात 1:46 बजे खोली गई। दोनों कैरिजवे अब खुले हैं, लेकिन बैकलॉग साफ होने में समय लगेगा।” लोनावाला के पास अभी भी 5-10 किमी तक कतारें लगी हैं, जबकि बोरघाट सेक्शन में ट्रैफिक काफी हद तक सामान्य हो गया है।
क्या हुई थी घटना? मंगलवार (3 फरवरी) शाम करीब 5 बजे खंडाला घाट के आदोशी टनल के पास ढलान पर टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर में तीन जगह से गैस लीक होने की वजह से सुरक्षा कारणों से मुंबई की दिशा वाली लेन बंद कर दी गई। इसके बाद दोनों दिशाओं में ट्रैफिक ठप हो गया और 20-22 किमी तक लंबा जाम लग गया। ड्रोन फुटेज में एक्सप्रेसवे पार्किंग लॉट जैसा नजर आ रहा था।
हजारों यात्री, जिनमें महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और मरीज शामिल थे, रात भर वाहनों में फंसे रहे। कई लोगों को पानी, खाना और शौचालय की सुविधा तक नहीं मिली। एक उद्योगपति सुधीर मेहता तो 8 घंटे फंसे रहने के बाद हेलिकॉप्टर से निकले।
वर्तमान स्थिति
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीपीसीएल और हाईवे पुलिस की टीमों ने गैस ट्रांसफर और टैंकर हटाने का काम पूरा किया। पुलिस अब सोते ड्राइवरों को जगाने और जाम के छोटे-छोटे पॉकेट्स साफ करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि बैकलॉग पूरी तरह साफ होने के बाद ही पूरी तरह सामान्य स्थिति बहाल होगी। यात्रियों से अपील की गई है कि जरूरी न हो तो एक्सप्रेसवे से बचें और पुरानी सड़क या अन्य रास्तों का इस्तेमाल करें।
इस घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे की कमियों को उजागर किया है। यात्री टोल वसूली जारी रहने और इमरजेंसी सुविधाओं की कमी पर गुस्सा जता रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट जल्द पूरा होने से ऐसी समस्याएं कम हो सकती हैं।

