Turmoil, fears of a ‘SaaS-pocalypse’: AI टूल जिसने Infosys, TCS सहित IT-सॉफ्टवेयर कंपनियों के स्टॉक्स में मचाई भारी

Turmoil, fears of a ‘SaaS-pocalypse’: अमेरिकी AI कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) ने हाल ही में अपना नया टूल क्लॉड कोवर्क (Claude Cowork) लॉन्च किया है, जिसने वैश्विक सॉफ्टवेयर और IT सेक्टर में हड़कंप मचा दिया है। इस टूल की वजह से भारतीय IT दिग्गजों जैसे इंफोसिस, TCS, विप्रो और HCL टेक के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसे बाजार विश्लेषकों ने “SaaS-pocalypse” (सॉफ्टवेयर ऐज अ सर्विस का अंत) करार दिया है। केवल एक दिन में इन कंपनियों से अरबों डॉलर का मार्केट वैल्यू गायब हो गया।

क्लॉड कोवर्क क्या है?
एंथ्रोपिक का क्लॉड AI पहले से ही कोडिंग और डेवलपमेंट में लोकप्रिय है। क्लॉड कोवर्क इसका एक्सटेंशन है, जो 12 जनवरी 2026 को रिलीज किया गया। यह एक एजेंटिक AI टूल है जो डेस्कटॉप ऐप (मुख्य रूप से मैक पर) में काम करता है। यूजर्स इसे फाइल्स, फोल्डर्स एक्सेस देकर कोई भी टास्क सौंप सकते हैं – जैसे डेटा एनालिसिस, विजुअलाइजेशन, फाइनेंशियल मॉडलिंग या ऑटोमेटेड प्रोसेस क्रिएट करना। यह डेवलपर्स के अलावा आम व्हाइट-कॉलर वर्कर्स (ऑफिस कर्मचारी) के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी का कहना है कि क्लॉड कोड की सफलता से प्रेरित होकर इसे बनाया गया, ताकि कोई भी व्यक्ति बिना कोडिंग के जटिल काम करवा सके।

प्लगइन्स ने बढ़ाई चिंता
30 जनवरी 2026 को एंथ्रोपिक ने क्लॉड कोवर्क के लिए 11 नए ओपन-सोर्स प्लगइन्स रिलीज किए, जिसके बाद बाजार में असली हलचल मची। ये प्लगइन्स हैं:
• प्रोडक्टिविटी, एंटरप्राइज सर्च, सेल्स, फाइनेंस, डेटा, लीगल, मार्केटिंग, कस्टमर सपोर्ट, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, बायोलॉजी रिसर्च और प्लगइन कस्टमाइजेशन।
ये प्लगइन्स क्लॉड को स्पेसिफिक जॉब रोल्स के लिए कस्टमाइज करते हैं। उदाहरण के लिए:
• फाइनेंस प्लगइन फाइनेंशियल एनालिसिस, मॉडल बिल्डिंग और की मेट्रिक्स ट्रैकिंग कर सकता है।
• लीगल प्लगइन कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू, NDA चेक और कंप्लायंस वर्कफ्लो हैंडल करता है।
कंपनी का दावा है कि ये प्लगइन्स टीम्स को कंसिस्टेंट और बेहतर आउटकम देते हैं।

IT और SaaS कंपनियों पर असर क्यों?
क्लॉड कोवर्क और उसके प्लगइन्स कई रूटीन एंटरप्राइज टास्क्स को ऑटोमेट कर सकते हैं, जो अभी इंफोसिस, TCS जैसी कंपनियां हजारों जूनियर इंजीनियर्स और स्टाफ की मदद से करती हैं। क्लाइंट्स इन सर्विसेज के लिए घंटों/दिनों के आधार पर पेमेंट करते हैं। अब AI ये काम सस्ते में और तेजी से कर सकता है, जिससे निवेशकों को डर है कि SaaS और IT सर्विसेज का बिजनेस मॉडल खतरे में है।

3-4 फरवरी को वैश्विक टेक सेलऑफ में:
• इंफोसिस के शेयर 7-8% तक गिरे।
• TCS में 5-6% की गिरावट।
• विप्रो और HCL टेक भी 4-6% नीचे।
• कुल मिलाकर भारतीय IT सेक्टर से 20 अरब डॉलर से ज्यादा का मार्केट कैप गायब हुआ।
विश्लेषक कह रहे हैं कि यह “शूट फर्स्ट, आस्क क्वेश्चन्स लेटर” रिएक्शन है। एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई पहले ही कह चुके हैं कि AI 2030 तक 50% व्हाइट-कॉलर जॉब्स खत्म कर सकता है।

क्या SaaS का अंत हो गया?
नहीं, अभी नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि SaaS को AI के साथ इवॉल्व करना होगा। माइक्रोसॉट के सत्या नडेला से लेकर जोहो के श्रीधर वेम्बू तक सभी कह रहे हैं कि AI बदलाव का कैटेलिस्ट है। हालांकि, यह घटना एक बड़ा अलार्म है कि ह्यूमन-इंटेंसिव IT सर्विसेज का दौर बदल रहा है।

एंथ्रोपिक का कहना है कि क्लॉड कोवर्क अभी शुरुआती स्टेज में है और इसका पूरा असर अभी साबित होना बाकी है। बाजार की जांच-पड़ताल जारी है, लेकिन यह AI के कामकाजी दुनिया पर गहरे प्रभाव की झलक दे रहा है।

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