Three sisters commit mass suicide in Ghaziabad: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां तीन नाबालिग सगी बहनों — निशिका (16 साल), प्राची (14 साल) और पाखी (12 साल) — ने मंगलवार देर रात नौवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना टीला मोड़ थाना क्षेत्र की भारत सिटी सोसायटी में हुई, जहां रात करीब 2 बजे तेज आवाज सुनकर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस जांच में पता चला है कि तीनों बहनें एक ऑनलाइन कोरियन टास्क-बेस्ट गेम (‘Korean Lover Game’ के नाम से चर्चा) की गहरी लत में थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस गेम में 50 टास्क होते हैं, जिनमें परिवार से दूरी बनाना, अकेले रहना, रोना-धोना और अंत में आत्महत्या जैसे खतरनाक निर्देश शामिल हैं। गेम के एडमिन खुद को किसी राजपरिवार से जुड़ा बताते हैं और यूजर्स को ये खतरनाक चुनौतियां देते हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मध्य बहन प्राची को ‘डेथ कमांडर’ बनाया गया था, जिसके इशारे पर तीनों ने अंतिम टास्क पूरा किया।
घटना स्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें हिंदी और अंग्रेजी में लिखा है:
“True life story. Is diary mei jo kuch bhi likha hai vo sab padhlo kyunki sab sach hai. Read now. I’m really sorry, sorry Papa।” नोट में रोती हुई इमोजी भी थी। बहनों के कमरे की दीवार पर लिखा मिला — “I am very very alone. My life is very very alone।” कमरे में परिवार की तस्वीरें बिखरी हुई थीं, जो गेम के अंतिम टास्क (परिवार से अंतिम बार मिलना और फोटो लेना) से जुड़ा बताया जा रहा है।
पीड़ितों के पिता चेतन कुमार ने मीडिया को बताया कि उन्हें गेम की जानकारी फोरेंसिक टीम से मिली। उन्होंने कहा, “गेम में 50 टास्क थे और कल आखिरी टास्क था।” परिवार ने कुछ दिन पहले मोबाइल इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद बहनें परेशान थीं। कोरोना के बाद आर्थिक कारणों से तीनों स्कूल नहीं जा रही थीं और ज्यादातर समय ऑनलाइन गेम में बिताती थीं।
पुलिस उपायुक्त निमिश पटिल के नेतृत्व में जांच चल रही है। बहनों के मोबाइल फोन और डिजिटल एक्टिविटी की छानबीन की जा रही है। अभी तक गेम का ऐप या प्लेटफॉर्म आईडेंटिफाई नहीं हुआ है, लेकिन कोरियन कल्चर और ऑनलाइन टास्क गेम्स से प्रभाव की पुष्टि हो रही है। यह मामला पुराने ‘ब्लू व्हेल चैलेंज’ जैसे खतरनाक ऑनलाइन गेम्स की याद दिलाता है, जो युवाओं को आत्मघाती कदम उठाने के लिए उकसाते आ रहे हैं।
यह घटना ऑनलाइन गेमिंग की लत और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल उठा रही है। विशेषज्ञ अभिभावकों से अपील कर रहे हैं कि बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी असामान्य व्यवहार पर तुरंत काउंसलिंग कराएं।

