मुलाकात से पहले बंग भवन के बाहर भारी पुलिस तैनाती पर ममता ने तीखा हमला बोला। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा, “मेरे दिल्ली आने से BJP घबरा जाती है। जब दिल्ली में ब्लास्ट होता है तब आप क्या करते हैं? इतनी पुलिस क्यों लगाई गई है?” ममता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग मिलकर बंगाल में मतदाता सूची को पक्षपातपूर्ण तरीके से संशोधित कर रहे हैं, जिससे लाखों वास्तविक मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।
SIR विवाद की मुख्य बातें:
• TMC का दावा है कि SIR प्रक्रिया कानूनों का उल्लंघन कर रही है और यह भाजपा के इशारे पर चल रही है, ताकि 2026 के विधानसभा चुनाव में अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति-जनजाति, महिलाओं और बुजुर्गों जैसे वोटरों को वंचित किया जा सके।
• ममता ने पहले कई पत्र लिखकर और अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर SIR को पक्षपातपूर्ण और जल्दबाजी में किया गया बताया है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया से तनाव के कारण 140 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।
• चुनाव आयोग का पक्ष है कि SIR मतदाता सूची को शुद्ध करने का वैधानिक प्रयास है, जिसमें डुप्लीकेट, गलत या अपात्र नाम हटाए जा रहे हैं। आयोग ने TMC के आरोपों को खारिज किया है।
मुलाकात चुनाव आयोग मुख्यालय में हुई, जहां ममता ने पीड़ित परिवारों की शिकायतें CEC के सामने रखीं। TMC सूत्रों के अनुसार, ममता ने कहा, “अगर देश में कोई नहीं लड़ेगा तो मैं लड़ूंगी।” यह मुलाकात बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन (14 फरवरी) से ठीक पहले हुई है, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
ममता की दिल्ली यात्रा विपक्षी एकजुटता को भी मजबूत करने की कोशिश मानी जा रही है। मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अगले सप्ताह होने की संभावना है। यह स्टोरी डेवलपिंग है, आगे अपडेट्स के लिए नजर रखें।

