Central employees disappointed with Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में 8वें वेतन आयोग को लेकर कोई घोषणा न होने से लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स में गहरी निराशा है। ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने इसे “जीरो बजट” करार देते हुए कहा कि सर्विस सेक्टर के लिए कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने आयोग के गठन में हो रही देरी को राजनीतिक मंशा से जोड़ा और चेतावनी दी कि फरवरी-मार्च तक सकारात्मक कदम न उठाए गए तो अगस्त में बड़ा आंदोलन हो सकता है।

डॉ. पटेल ने एक वीडियो चर्चा में कहा कि जनवरी 2025 में आयोग की घोषणा के एक साल बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है। ऑफिस तो आवंटित हो गया, लेकिन पर्याप्त कर्मचारी और संसाधन नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शायद 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव को ध्यान में रखकर देरी कर रही है ताकि सही समय पर राजनीतिक लाभ लिया जा सके। वर्तमान में कर्मचारी संगठन सरकार से “संवाद” के चरण में हैं, लेकिन धैर्य की सीमा खत्म हो रही है।
बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 8वें वेतन आयोग पर कोई जिक्र नहीं किया, जिससे कर्मचारी यूनियंस में आक्रोश बढ़ गया है। कई संगठनों ने देशव्यापी हड़ताल की धमकी दी है, जिसमें 12 फरवरी 2026 को एकदिवसीय स्ट्राइक की बात शामिल है। हालांकि, जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता (DA) 60% तक पहुंचने की पुष्टि हुई है, जो कुछ राहत देगा। आयोग की रिपोर्ट 18 महीने में आने की उम्मीद है, और इम्प्लीमेंटेशन जनवरी 2026 से रेट्रोस्पेक्टिव हो सकता है, जिससे एरियर्स मिलेंगे। फिटमेंट फैक्टर 1.92 से 2.86 तक अनुमानित है, लेकिन आधिकारिक फैसला बाकी है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि देरी से वित्तीय नुकसान हो रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में 25 फरवरी 2026 को NC-JCM की महत्वपूर्ण बैठक का जिक्र है, जहां फिटमेंट फैक्टर और भत्तों पर चर्चा हो सकती है।

