Was the Baramati tabletop runway the main cause of the Ajit Pawar crash?: एविएशन एक्सपर्ट्स बोले- विजिबिलिटी और पायलट डिसीजन ज्यादा महत्वपूर्ण, लेकिन रिस्क बढ़ाता है डिजाइन

Was the Baramati tabletop runway the main cause of the Ajit Pawar crash?: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की लियरजेट क्रैश में मौत के बाद बारामती एयरपोर्ट के टेबलटॉप रनवे पर फिर सवाल उठ रहे हैं। भारत के छह टेबलटॉप रनवे (कोझिकोड, मंगलुरु, लेंगपुई, शिमला, पाकयोंग और बारामती) में से एक बारामती की ऊंची लोकेशन और दोनों तरफ गहरी खाई को हादसे का कारक माना जा रहा है। हालांकि, एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि रनवे का डिजाइन प्रमुख कारण नहीं था, बल्कि कम विजिबिलिटी, अप्रोच में गलती और पायलट का डिसीजन मुख्य भूमिका निभा सकता है।

बुधवार सुबह मुंबई से बारामती आ रही लियरजेट 45 (VT-SSK) दूसरी अप्रोच के दौरान रनवे के किनारे से महज 200 मीटर दूर क्रैश हो गई। हादसे में अजित पवार सहित पांच लोगों की मौत हो गई। फ्लाइटराडार24 के अनुसार, प्लेन सुबह 8:10 बजे मुंबई से रवाना हुआ और 8:46 बजे क्रैश हुआ। बारामती एयरपोर्ट समुद्र तल से 604 मीटर ऊंचाई पर है और यहां इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) जैसी एडवांस्ड सुविधाएं नहीं हैं।

एक्सपर्ट्स की राय
• एक सीनियर पायलट (बारामती रनवे से परिचित) ने कहा, “टेबलटॉप रनवे भी आखिरकार एक रनवे ही है। महत्वपूर्ण है थ्रेशोल्ड, टचडाउन पॉइंट और उपलब्ध लंबाई। हादसे के समय विजिबिलिटी करीब 3,000 मीटर थी, जबकि सुरक्षित ऑपरेशन के लिए 5,000 मीटर चाहिए। अप्रोच की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। रनवे साइट में उतरे बिना सर्किट एल्टीट्यूड से नीचे उतरना गंभीर गलती है। प्लेन सीधा उड़ रहा था, लेकिन अचानक ‘विंग ओवर’ करके पलट गया।”
• पूर्व नेवल पायलट और कमर्शियल एविएशन एक्सपर्ट कमांडर नवीन पंडिता ने कहा, “टेबलटॉप रनवे 10वीं मंजिल पर रनवे जैसा है। सही लाइन पर नहीं रुके तो कोई मार्जिन नहीं, सिर्फ खाई। ‘ब्लैक होल इफेक्ट’ से ऑप्टिकल इल्यूजन होता है, पायलट को लगता है कि वह ऊंचाई पर है, जबकि नीचे है। इंस्ट्रूमेंट्स पर भरोसा न करने से खतरा बढ़ता है। छोटे बिजनेस जेट्स की स्पीड ज्यादा होती है, ब्रेकिंग पावर कम और क्रॉसविंड-उपड्राफ्ट का असर ज्यादा।”

एक्सपर्ट्स ने जोर दिया कि टेबलटॉप रनवे जोखिम बढ़ाते हैं, लेकिन पायलट ट्रेनिंग, विजिबिलिटी और डिसीजन से ज्यादा फर्क पड़ता है। ऐसे रनवे के लिए स्पेशल क्लियरेंस और सिमुलेटर ट्रेनिंग जरूरी होती है।

पिछले हादसों से तुलना
• 2020 कोझिकोड: एयर इंडिया एक्सप्रेस बोइंग 737 भारी बारिश में रनवे ओवरशूट कर 35 फीट गहरी खाई में गिरा, 21 मौतें। पायलट एरर मुख्य कारण, लेकिन टेबलटॉप डिजाइन ने नुकसान बढ़ाया।
• 2010 मंगलुरु: एयर इंडिया एक्सप्रेस क्रैश, 158 मौतें। पायलट एरर, लेकिन रनवे डिजाइन ने मार्जिन कम किया।
इन हादसों के बाद रनवे सेफ्टी एरिया बढ़ाने और प्रोटोकॉल सख्त करने की सिफारिशें हुईं। बारामती जैसे छोटे एयरस्ट्रिप पर रीजनल एयर ट्रैवल बढ़ने से रेगुलेटरी ओवरसाइट और पायलट रेडीनेस पर सवाल उठ रहे हैं।

डीजीसीए और एएआईबी जांच कर रही है। शुरुआती रिपोर्ट में विजिबिलिटी और अप्रोच एरर पर फोकस किया जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने हादसे पर शोक जताया है और जांच में पूरा सहयोग का आश्वासन दिया है।

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